महुआ मोइत्रा की बढ़ीं मुश्किलें!, एक तरफ Supreme Court से नहीं मिली राहत, दूसरी तरफ कोर्ट ने जारी किया Non-Bailable Warrant
महुआ मोइत्रा को सरकारी आवास बेदखली मामले में सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली। दूसरी ओर, कृष्णानगर कोर्ट ने कथित आपत्तिजनक बयान मामले में गैर-जमानती वारंट जारी किया।

Mahua Moitra : तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अपने निर्वाचन क्षेत्र में आवंटित सरकारी आवास से कथित तौर पर बेदखल किए जाने के मामले में उन्हें Supreme Court से फिलहाल कोई राहत नहीं मिल सकी है। देश की शीर्ष अदालत ने इस मामले में तत्काल सुनवाई और हस्तक्षेप करने की महुआ मोइत्रा की याचिका पर फौरन सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है।
'रात 11 बजे DM और ADM ने निकाला बाहर'
Supreme Court में महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वकील ने स्थानीय प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। वकील ने अदालत को बताया कि कृष्णानगर सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली मौजूदा MP को उनके निर्वाचन क्षेत्र में आवंटित सरकारी आवास से रात करीब 11 बजे बेदखल कर दिया गया। वकील के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई में जिला मजिस्ट्रेट (DM) और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) खुद शामिल थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष वकील ने Article 32 का हवाला देते हुए तुरंत दखल की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इस पर कोई जल्दबाजी दिखाने से मना कर दिया।
High Court के स्टे के बावजूद देर रात एक्शन का आरोप
महुआ मोइत्रा के वकील ने अदालत में दलील दी कि मामले में High Court पहले ही उन्हें राहत देने वाला आदेश पारित कर चुका था और वह आदेश प्रभावी भी था। इसके बावजूद स्थानीय अधिकारियों ने देर रात दफ्तर खोलकर और मौके पर पहुंचकर उन्हें आवास से बाहर कर दिया। वकील ने कहा कि एक मौजूदा महिला MP के साथ इस तरह की कार्रवाई बेहद गंभीर मामला है, जो संघवाद (Federalism) से जुड़े बड़े संवैधानिक सवाल खड़े करता है। इसलिए इस पूरे घटनाक्रम की किसी निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
अदालत में पेश न होने पर जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट
एक तरफ जहां Supreme Court से महुआ मोइत्रा को बेदखली मामले में तुरंत राहत नहीं मिली, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में भी उनकी कानूनी उलझनें काफी गहरा गई हैं। कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ बयानों से जुड़े एक मामले में कृष्णानगर की एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को TMC MP महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। अदालत ने यह कड़ा रुख इसलिए अपनाया क्योंकि बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद महुआ मोइत्रा व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के सामने पेश नहीं हो रही थीं।
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