ED का नाम लेते ही कोर्ट में घिरा HDFC बैंक!, कलकत्ता HC की कड़ा रुख देख बैंक अधिकारी खुद TMC नेता के घर जाकर करेगा KYC
Calcutta HC ने अभिषेक बनर्जी के बैंक अकाउंट और कार्ड ब्लॉक करने पर HDFC बैंक को फटकार लगाई। कोर्ट के कड़े रुख के बाद बैंक अधिकारी उनके घर जाकर KYC प्रक्रिया पूरी करेंगे।

HDFC Bank : TMC नेता अभिषेक बनर्जी के बैंक खातों और क्रेडिट-डेबिट कार्ड को अचानक ब्लॉक किए जाने के मामले में कलकत्ता HC ने HDFC बैंक को जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की इजाजत मिलने के ठीक बाद बैंक द्वारा उनका अकाउंट फ्रीज कर दिया गया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस कृष्णा राव ने HDFC बैंक के ढुलमुल रवैये पर गहरी नाराजगी जाहिर की और बैंक की कार्यशैली पर कई तीखे सवाल खड़े किए।
विदेश यात्रा की इजाजत मिलते ही बैंक ने ब्लॉक कर दिया था अकाउंट
अदालत में अभिषेक बनर्जी का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अयान भट्टाचार्य ने बताया कि जिस दिन देश की सर्वोच्च अदालत से TMC नेता को विदेश जाने की मंजूरी मिली, उसी दिन HDFC बैंक ने उनका खाता, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड अचानक निलंबित कर दिया। बैंक ने इस पर एक मैसेज भेजकर सफाई दी कि अतिरिक्त जांच और KYC प्रक्रिया पूरी होने तक खाते को अस्थायी रूप से रोका जा रहा है और इसके लिए उन्हें बैंक की शाखा में आना होगा। बनर्जी के वकील ने स्पष्ट किया कि उनकी KYC का पुनः सत्यापन वैसे भी दिसंबर 2026 में होना निर्धारित है, ऐसे में बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक ऐसी कार्रवाई करना पूरी तरह मनमाना कदम था।
'क्या आपका बैंक e-KYC नहीं जानता?' जज ने बैंक वकील की लगाई क्लास
सुनवाई के दौरान जब HDFC बैंक के वकील ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को KYC वेरिफिकेशन के लिए व्यक्तिगत रूप से शाखा आना पड़ेगा, तो जस्टिस कृष्णा राव बेहद सख्त लहजे में भड़क उठे। जज ने सवाल दागा कि क्या HDFC बैंक e-KYC का इस्तेमाल नहीं करता? क्या आपका बैंक ग्राहक से खुद मिलने के लिए इतना बेताब है? जज ने तंज कसते हुए कहा कि आजकल तो सरकारी दफ्तर भी सारे काम ऑनलाइन कर रहे हैं, लेकिन आपके पत्रों से लगता है कि आप ग्राहक का चेहरा देखने में ज्यादा रुचि रखते हैं। उन्होंने सख्त लहजे में पूछा कि क्या बैंक अपने बाकी ग्राहकों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार करता है?
ED का नाम लाते ही बदला बैंक का रुख, HC ने जताई भारी नाराजगी
इसके बाद HDFC बैंक के वकील ने दलील दी कि ED द्वारा शुरू किए गए कुछ मामलों से बनर्जी का नाम, मोबाइल नंबर और PAN कार्ड जुड़ने के कारण सिस्टम वेरिफिकेशन के तहत यह ऑटो-ब्लॉक हुआ था। हालांकि, जज ने तुरंत टोका कि बैंक द्वारा पहले भेजे गए दो पत्रों में ED का कहीं कोई जिक्र तक नहीं था। जस्टिस राव ने कहा कि बैंक अपना रुख बार-बार नहीं बदल सकता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर बैंक व्यक्तिगत उपस्थिति पर ही अड़ा है, तो पहले बैंक मैनेजर खुद कोर्ट में हाजिर हों, वे सबसे पहले उनका चेहरा देखना चाहेंगे।
शाखा जाने की जरूरत नहीं, अधिकारी खुद घर जाकर पूरी करेगा KYC प्रक्रिया
अदालत का कड़ा रुख देखते हुए HDFC बैंक तुरंत बैकफुट पर आ गया। बैंक के वकील ने आखिरकार अदालत को भरोसा दिलाया कि अभिषेक बनर्जी को बैंक की शाखा में आने की कोई आवश्यकता नहीं है। चूंकि अकाउंट ब्लॉक होने के कारण प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं की जा सकती, इसलिए HDFC बैंक का अधिकारी खुद TMC नेता के आवास पर जाकर KYC की औपचारिकताएं पूरी करेगा। अदालत ने इस बयान को दर्ज करते हुए निर्देश दिया कि बैंक अपने प्रतिनिधि के आने का समय पहले सूचित करे और प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्रेडिट व अन्य सुविधाओं को फिर से बहाल करने पर कार्रवाई करे।
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