LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पूरी दुनिया कच्चे तेल के संकट से जूझ रही है. वहीं भारत में एलपीजी की किल्लत से हर कोई वाकिफ है. हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत में अब तक पांच जहाजों को लाया जा चुका है. जिसके बाद अब कहा जा सकता है कि धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है.
इस बीच अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी लेकर आया एक बड़ा मालवाहक जहाज मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंच गया है. इसके अलावा, एक रूसी तेल टैंकर 'एक्वा टाइटन', जो असल में चीन जा रहा था वह भी शनिवार को न्यू मैंगलोर पहुंच गया.
ट्रंप की ईरान को धमकी
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार को धमकी दी कि अगर तेहरान होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से नहीं खोलता है तो वह ईरान के पावर प्लांट को पूरी तरह तबाह कर देंगे.
ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम
ट्रंप ने तेहरान को होर्मुज को ठीक उसी समय से पूरी तरह से फिर से खोलने के लिए 48 घंटे की समय सीमा दी. उन्होंने सुबह 5:14 बजे (IST) यह बात पोस्ट की, जिससे तेहरान को मंगलवार सुबह तक का समय मिला.
भारत में परिस्थितियों के सामान्य होने के आसार
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कमर्शियल एलपीजी का 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन मंजूर कर दिया है, जिससे कुल आवंटन बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है. ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी से हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं.
एलपीजी संकट से जूझ रहा देश
मिडिल ईस्ट में तीन हफ्ते तक चले युद्ध के कारण भारत को होने वाली ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो गई, जिसके चलते शुरुआत में होटलों जैसे व्यावसायिक संस्थानों को होने वाली एलपीजी आपूर्ति में कटौती की गई, ताकि घरेलू रसोईघरों की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा सके.
कौन-कौन से जहाज अब तक भारत पहुंच चुके हैं?
एलपीजी गैस या कच्चा तेल लेकर अब तक भारत के अलग-अलग बंदरगाहों पर इन जहाजों को सही सलामत पहुंचाया जा चुका है. जिनमें शिवालिक, नंदा देवी, Pioneer, Aqua Titan और Laadki शामिल हैं.









