तेजस्वी यादव के आरोपों पर ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ का पलटवार, कहा- ‘साक्ष्य है तो सामने रखिए’
नवादा में ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ ने तेजस्वी यादव के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया है। संगठन ने कहा कि गंभीर आरोपों के साथ ठोस सबूत भी सामने रखे जाने चाहिए। प्रेस वार्ता में संगठन ने कई सवालों के जवाब मांगे।


नवादा में सामाजिक संगठन “लेट्स इंस्पायर बिहार” ने प्रेस वार्ता कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए सख्त खंडन किया। संगठन ने आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य सार्वजनिक करने की मांग की है। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन “लेट्स इंस्पायर बिहार (LIB)” ने शनिवार को नवादा में आयोजित प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा संगठन एवं इसके मुख्य संरक्षक विकास वैभव (IPS) पर लगाए गए आरोपों का तथ्यात्मक खंडन किया।
‘तस्वीर में साथ होना कोई सबूत नहीं’, संगठन ने रखी अपनी बात
प्रेस वार्ता में संगठन के समन्वयक सुमन कुमार, विश्वजीत कुमार, प्रोफेसर विजय कुमार, मंडल जी, शशांक कुमार समेत कई सदस्य उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि “लेट्स इंस्पायर बिहार” एक पूर्णतः गैर-राजनीतिक सामाजिक अभियान है, जिसका उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना और शिक्षा, उद्यमिता व सामाजिक चेतना के माध्यम से बिहार के विकास में योगदान देना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान से चार लाख से अधिक युवा जुड़े हुए हैं और राज्य के विभिन्न जिलों में कई शैक्षणिक व सामाजिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी सामाजिक मंच के कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों की उपस्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है। केवल तस्वीरों या कार्यक्रम में मौजूदगी के आधार पर किसी प्रकार के आर्थिक या व्यक्तिगत संबंधों का आरोप लगाना पूरी तरह तथ्यहीन है।
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि “लेट्स इंस्पायर बिहार” का संचालन किसी राजनीतिक दल या बाहरी आर्थिक सहयोग से नहीं होता, बल्कि यह स्वयंसेवकों और सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों से चलता है।
डेहरी ईओ हत्याकांड का जिक्र
प्रेस वार्ता में रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा गया कि इस मामले की जांच बिहार पुलिस द्वारा की जा रही है और जांच पूरी होने से पहले किसी अधिकारी या संस्था पर सवाल उठाना अनुचित है। वक्ताओं ने कहा कि बिना साक्ष्य के आरोप लगाना न केवल जांच को प्रभावित कर सकता है, बल्कि सार्वजनिक विमर्श की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है। वक्ताओं ने विकास वैभव, आईपीएस की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने सेवाकाल में ईमानदारी और निष्पक्षता का परिचय दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि वे “लेट्स इंस्पायर बिहार” में कोई प्रशासनिक पद नहीं रखते, बल्कि केवल प्रेरणास्रोत के रूप में जुड़े हुए हैं।
तेजस्वी यादव से मांगा जवाब
प्रेस वार्ता के दौरान संगठन ने नेता प्रतिपक्ष से कई सवालों के जवाब मांगे। संगठन ने पूछा कि उन्होंने किन आधारों पर वित्तीय सहयोग का आरोप लगाया, क्या उनके पास कोई दस्तावेज या बैंकिंग साक्ष्य है, और जब संबंधित प्राथमिकी में किसी विधायक का नाम नहीं है तो इस तरह के बयान देने का औचित्य क्या है।अंत में वक्ताओं ने कहा कि यदि किसी संस्था या व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए जाते हैं तो उसके समर्थन में ठोस प्रमाण भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए, अन्यथा ऐसे बयान भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना माने जाएंगे।

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