Nawada (Bihar): नवादा के गोविंदपुर प्रखंड स्थित ककोलत जलप्रपात, जिसे ‘बिहार का कश्मीर’ कहा जाता है, एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार होने को तैयार है. वन विभाग के अनुसार 20 मार्च से झरना पूरी तरह चालू कर दिया गया है, जिससे पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य के साथ शीतल जल का आनंद ले सकेंगे. गर्मी के मौसम में यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी यहां स्नान और पिकनिक का लुत्फ उठाते हैं. प्रशासन को इस बार भी रिकॉर्ड भीड़ की उम्मीद है.
वन विभाग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. पर्यटकों की निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. साथ ही परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और पार्किंग जैसी सुविधाओं को दुरुस्त किया गया है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो. चैती दुर्गा पूजा, रामनवमी और छठ जैसे प्रमुख पर्वों को देखते हुए प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है. भीड़ प्रबंधन को लेकर अतिरिक्त व्यवस्था की गई है.
महत्वपूर्ण जानकारी
हर मंगलवार को ककोलत जलप्रपात का झरना बंद रहेगा.
दोपहिया वाहन के लिए पार्किंग शुल्क 20 रुपये निर्धारित किया गया है.
चौपहिया वाहन के लिए पार्किंग शुल्क 50 रुपये तय किया गया है.
ककोलत अभयारण्य में नेचर ट्रेल का आनंद लेने के लिए पर्यटकों को टिकट लेना होगा. सोमवार से शुक्रवार तक 10 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क रखा गया है, जबकि शनिवार और रविवार को यह शुल्क 20 रुपये होगा. पर्यटकों को गाइड की सुविधा भी दी जाएगी. इसके लिए वन विभाग ने फिलहाल तीन गाइड की व्यवस्था की है, जिन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है.
पुनर्निर्माण के बाद खुला झरना
गौरतलब है कि अगस्त 2025 में आई भीषण बाढ़ से ककोलत झरना और कुंड की आधारभूत संरचना को काफी नुकसान पहुंचा था. कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए थे. अब मरम्मत और पुनर्निर्माण के बाद झरना पूरी तरह तैयार है और ‘ककोलत सीजन-03’ में पर्यटकों को एक बार फिर यहां स्नान का अवसर मिलेगा. प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे स्थल की स्वच्छता बनाए रखें और प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखने में सहयोग करें.
रिपोर्ट- सोनू सिंह









