Jharkhand Vidhansabha: रामनवमी के दौरान सरकार ने डीजे पर लगाया रोक, भड़के BJP विधायक.. प्रदीप यादव ने कहा- "इनके बाबूजी का झारखंड नहीं है"
सदन में सरकार द्वारा रामनवमी के दौरान डीजे पर लगाए प्रतिबंध पर चर्चा हुई, जिसने हंगामे का रूप ले लिया.

Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज 11वां दिन भी हंगामे के साथ शुरू हुआ. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर में बीजेपी विधायकों ने हजारीबाग में रामनवमी के दौरान डीजे पर रोक को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया. हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर भाजपा विधायक धरने पर बैठ गए और जय श्री राम के नारे लगाए. इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली.
बजट सत्र के आज के एजेंडे की बात करें तो पहली पाली में शून्यकाल, प्रश्नकाल और ध्यान आकर्षण प्रस्ताव लिए जाने हैं, जबकि दूसरी पाली में स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित है. वहीं इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा है.
इधर उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि रात 10 बजे तक डीजे बजाने की अनुमति है, इसके बावजूद भाजपा विधायक धरना दे रहे हैं और इसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
वहीं भाजपा विधायक नवीन जयसवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है और सिर्फ हिंदू त्योहारों में ही इस तरह की पाबंदियां लगाई जाती हैं. प्रश्न करते हुए उन्होंने पूछा कि बाकी त्योहारों में ऐसी पाबंदियां क्यों नहीं लगाई जाती हैं. इसी पर विधायक प्रदीप यादव ने उग्र लहजे में कहा कि बात सबकी की जानी चाहिए, "इनके बाबूजी का झारखंड नहीं है". देश हिंदू, मुस्लिम, सिख. ईसाई सभी का है. प्रदीप यादव ने सरकार पर सांप्रदायिक हिंसा का माहौल पैदा करने का भी आरोप लगाया.
इस दौरान विपक्ष द्वारा हंगामा किए जाने पर अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने सभी सदस्यों से शांति बनाए रखने और सदन की कार्रवाई बाधित न किए जाने का आग्रह किया.
झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने विधायक नवीन जयसवाल के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि डीजे को लेकर जो आदेश है वह हाईकोर्ट का है, न कि राज्य सरकार का. साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर आम जनता पर पड़ रहा है.
जमुआ की विधायक मंजू देवी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कोयला, बालू और माफियाओं का बोलबाला है और सरकार तथा अधिकारी जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.
वहीं भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि अपने धर्म और आस्था का प्रचार-प्रसार करना सभी का अधिकार है और रामनवमी के अवसर पर डीजे बजाने पर रोक लगाना उचित नहीं है.
इधर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी साइकिल से विधानसभा पहुंचे और भाजपा विधायकों के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे डीजे को मुद्दा बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि डीजे को लेकर आदेश सुप्रीम कोर्ट का है और भाजपा को जनता के असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए.
वहीं भाजपा विधायक डॉ. नीरा यादव ने कहा कि सिर्फ हिंदू त्योहारों में डीजे पर रोक लगाना सही नहीं है और राज्य सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए.
इधर कांग्रेस विधायक राजेश कश्यप ने कहा कि डीजे बंद करने का आदेश हाईकोर्ट का है और भाजपा विधायक इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
कुल मिलाकर बजट सत्र के 11वें दिन की शुरुआत भी विरोध-प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप के साथ हुई है. डीजे के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं. ऐसे में साफ है कि आज सदन के अंदर भी इस मुद्दे पर जोरदार हंगामे के आसार बने हुए हैं.
रिपोर्ट: नवीन शर्मा
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