झारखंड : 18 साल से निजी जमीन पर चल रहा विद्यालय, बच्चों ने DC से लगाई गुहार
पलामू के हैदरनगर में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय 18 साल से निजी जमीन पर चल रहा है। बच्चों ने डीसी से मैदान, पंखे, शौचालय और पक्की सड़क की मांग की।

Palamu: पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड क्षेत्र के गोल्हना स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की बदहाली ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीब तबके के इन बच्चों ने पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत से अपने विद्यालय में खेल का मैदान, पंखे, उचित शौचालय, साफ-सफाई और स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क के निर्माण की मार्मिक गुहार लगाई है।
18 वर्षों से निजी भूमि पर चल रहा स्कूल
विद्यालय की समस्या केवल बुनियादी सुविधाओं के अभाव तक ही सीमित नहीं है। हैरानी की बात यह है कि यह स्कूल पिछले करीब 18 वर्षों से 26 डिसिमल निजी भूमि पर संचालित हो रहा है। इतने वर्षों के बाद भी इस भूमि का न तो सरकारी अधिग्रहण हो सका है और न ही इसका नियमितीकरण किया गया है। यह विद्यालय परिसर वर्षों से मतदान केंद्र संख्या-59 के रूप में भी उपयोग किया जाता रहा है, इसके बावजूद अब तक इस जमीन को राज्य सरकार या झारखंड के राज्यपाल के नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
जांच रिपोर्ट के बाद भी कार्रवाई सिफर
इस भूमि विवाद को लेकर झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह सचिव के. रवि कुमार के स्तर से मामले की जांच भी कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई कि जिस जमीन पर यह सरकारी विद्यालय चल रहा है, वह आज भी निजी स्वामित्व में ही है। इस जांच को भी करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक भूमि अधिग्रहण या नियमितीकरण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस लचर रवैये से ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। उनका सीधा सवाल है कि जब वर्षों से यहां मतदान केंद्र और स्कूल का संचालन हो रहा है, तो जमीन की कानूनी स्थिति अब तक स्पष्ट क्यों नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर उठी बच्चों के हक की आवाज
बच्चों की इस दुर्दशा और प्रशासनिक अनदेखी को लेकर अब युवाओं और समाजसेवियों ने मोर्चा खोल दिया है। युवा एक्टिविस्ट अंकु सिंह राणा ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के माध्यम से पलामू उपायुक्त और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही समाजसेवी भारद्वाज, राहुल सिंह, रंजन प्रजापति, प्रमोद मीना, अभिजीत पांडे, विश्वास श्रीवास्तव, श्याम दंगार, जितेंद्र कुमार, मनोज गुप्ता और ओम प्रकाश सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया के जरिए मासूमों की समस्याओं को मुखरता से उठाते हुए सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस पहल करने की अपील की है।
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