डॉक्टर गायब और मरीज कतार में!, रांची के 'फर्स्ट पॉइंट' डायग्नोस्टिक सेंटर पर रेड, अल्ट्रासाउंड मशीन सील
रांची के बरियातू स्थित फर्स्ट पॉइंट डायग्नोस्टिक सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग ने छापेमारी की। रेडियोलॉजिस्ट की गैरमौजूदगी और रजिस्टर में गड़बड़ी मिलने पर अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी गई।

Ranchi News : रांची के बरियातू स्थित 'फर्स्ट पॉइंट डायग्नोस्टिक सेंटर' पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। सिविल सर्जन डॉ. अम्रेंद्र प्रसाद के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय निरीक्षण टीम जब सेंटर की जांच करने पहुंची, तो वहां कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान टीम ने देखा कि अल्ट्रासाउंड मशीन खुली हुई थी और जांच कराने के लिए मरीज भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, सेंटर के अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सुहास टेटरवे मौके से पूरी तरह नदारद थे। टीम के मुताबिक, डॉक्टर की गैरमौजूदगी में अल्ट्रासाउंड मशीन को चालू या खुला रखना पीसी एंड पीएनडीटी (PC & PNDT) एक्ट के नियमों का सीधा और गंभीर उल्लंघन है।
रजिस्टर में भी मिली भारी गड़बड़ी, मौके पर ही सील हुई मशीन
जांच के दौरान सिर्फ डॉक्टर की अनुपस्थिति ही नहीं, बल्कि कागजी रख-रखाव में भी बड़ी लापरवाही पकड़ी गई। सेंटर में एंटीनैटल केयर (ANC) रजिस्टर का रख-रखाव सही तरीके से नहीं किया जा रहा था। इन सभी गड़बड़ियों को बेहद गंभीरता से लेते हुए निरीक्षण टीम ने मौके पर ही अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया और वहां अल्ट्रासाउंड जांच के काम को तत्काल प्रभाव से रोकने का सख्त निर्देश दिया। इस छापेमारी टीम में डॉ. तवा रिजवी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के कई प्रमुख अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने सेंटर के सभी दस्तावेजों का बारीकी से जायजा लिया।
नियमों की अनदेखी नहीं होगी बर्दाश्त, स्वास्थ्य विभाग की सख्त चेतावनी
मामले पर सिविल सर्जन डॉ. अम्रेंद्र प्रसाद ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि पीसी एंड PNDT एक्ट के नियमों का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की लगातार मॉनिटरिंग और औचक जांच की जा रही है। अगर कहीं भी नियमों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित केंद्र के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रूण के लिंग परीक्षण और लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने के उद्देश्य से इस कानून को सख्ती से लागू कराया जा रहा है और सभी सेंटरों को तय नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
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