दिल को टूटने से ही नहीं.. हार्ट अटैक के खतरों से भी बचाना है बेहद आवश्यक, ठंड में बढ़ जाता है इसका खतरा
तेज रफ्तार से चल रही जिंदगी को सही ट्रैक में चलाना बेहद आवश्यक है. आजकल खान-पान व अनावश्यक तनाव भी हार्ट अटैक, जो अब आम हो चली है, इसका कारण हो सकता है. आइए जाने इसके लक्षण क्या हो सकते हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है.

HEALTH DESK :सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा सामान्य दिनों की तुलना में अधिक बढ़ जाता है. ठंड के कारण रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसी वजह से हर साल सर्दियों में हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है. बीते 10 दिनों में मोतिहारी जिले के निजी और सरकारी अस्पतालों में दिल संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है.
वहीं कई लोगों की हार्ट अटैक से अचानक मौतें भी हुई हैं. पूर्वी चंपारण जिले के सुप्रसिद्ध सनराइज हॉस्पिटल के एमडी डॉ. राजू कुमार ने हार्ट अटैक के कारण, लक्षण और बचाव के तरीकों को लेकर विस्तार से जानकारी दी.

डॉ. राजू ने बताया कि ठंड में शरीर को गर्म रखने के लिए रक्तचाप बढ़ जाता है. इससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग की समस्या है, उनमें हार्ट अटैक का खतरा और भी अधिक हो जाता है. सुबह के समय ठंड ज्यादा होने के कारण हार्ट अटैक की आशंका सबसे अधिक रहती है.
हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानें
डॉ राजू ने बताया कि हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षणों में सीने में तेज दर्द या दबाव महसूस होना, दर्द का बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैलना, सांस लेने में तकलीफ, अधिक पसीना आना, घबराहट, चक्कर आना और उल्टी जैसा मन होना शामिल है. कई बार बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में दर्द कम महसूस होता है, लेकिन सांस फूलना और अत्यधिक कमजोरी इसके संकेत हो सकते हैं.
डॉ. राजू ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को ऐसे लक्षण दिखाई दें तो उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए. समय पर इलाज मिलने से जान बचाई जा सकती है. हार्ट अटैक के मामलों में देरी जानलेवा साबित हो सकती है.
ऐसे करें बचाव
बचाव के उपाय बताते हुए डॉ राजू कुमार ने कहा कि सर्दी के मौसम में शरीर को गर्म रखना बहुत जरूरी है. सोते समय अचानक न उठें. सुबह-शाम ठंड में बाहर निकलने से बचें और गर्म कपड़े पहनें. नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच कराते रहें. तला-भुना और ज्यादा नमक वाला भोजन कम करें. फल, सब्जियां और हल्का भोजन लें. रोजाना हल्की एक्सरसाइज करें, लेकिन ठंड में अचानक भारी कसरत न करें.
नशे से रहें दूर
डॉ. राजू ने धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि तनाव भी हार्ट अटैक का बड़ा कारण हो सकता है, इसलिए मानसिक तनाव से बचें और पर्याप्त नींद लें. नियमित दवाइयों का सेवन करें और डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज न करें.
उन्होंने लोगों से अपील की कि हार्ट अटैक के लक्षणों को हल्के में न लें और समय रहते डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि सर्दियों में होने वाली अनावश्यक मौतों को रोका जा सके.
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