JPSC-CGL विवाद में बाबूलाल ने हेमंत सरकार को घेरा, बोले- CM के झांसे में आए युवा, CBI जांच हुई तो बड़े चेहरे जाएंगे जेल
रांची, हजारीबाग, रामगढ़ और गिरिडीह में CM का पुतला दहन करने के दौरान छात्रों और अभ्यर्थियों के पिटाई मामले ने पूरे राज्य में सियासी संग्राम छेड़ दिया है।

Giridih: रांची, हजारीबाग, रामगढ़ और गिरिडीह में CM का पुतला दहन करने के दौरान छात्रों और अभ्यर्थियों के पिटाई मामले ने पूरे राज्य में सियासी संग्राम छेड़ दिया है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मुद्दे पर हेमंत सरकार के खिलाफ पूरी तरह हमलावर हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को गिरिडीह में एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि शुक्रवार की घटना कोई आकस्मिक विवाद नहीं था, बल्कि हेमंत सरकार के शीर्ष स्तर से मिले सीधे संकेतों पर इसकी पूरी पटकथा पहले ही तैयार कर ली गई थी।
सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देकर कसा तंज, बताया पूरी साजिश
मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर गांडेय निवासी इमरान अजीज खान द्वारा की गई एक पोस्ट का सार्वजनिक रूप से जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों का पुतला दहन कार्यक्रम शाम को निर्धारित था, जबकि उक्त व्यक्ति ने दोपहर में ही पोस्ट डालकर JMM कार्यकर्ताओं को पार्टी दफ्तर जुटने का फरमान जारी कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि यह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि गिरिडीह में पहले से ही उपद्रवियों की फौज तैयार रखी गई थी। उन्होंने कहा कि इस पूरी हिंसा का मुख्य केंद्र गिरिडीह था, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से रांची, हजारीबाग और रामगढ़ में भी आंदोलनकारी छात्रों को निशाना बनाया गया।
'CM हेमंत सोरेन के झांसे में आ गए छात्र, हाई कोर्ट से रोक तय थी'
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भोले-भाले और अनुशासित छात्र CM हेमंत सोरेन के राजनीतिक दांव-पेच और झांसे में आ गए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री और उनका पूरा मंत्रिमंडल भली-भांति जानता था कि TDPL परीक्षा रद्द होने के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों का High Court जाना तय है और अदालत की ओर से राज्य सरकार के एकतरफा आदेश पर रोक लगना भी स्वाभाविक था। लेकिन सरकार ने छात्रों को भ्रमित करने के लिए यह पूरा खेल रचा, जिसे युवा समय रहते समझ नहीं पाए।
JPSC-CGL में CBI जांच की मांग, कहा- कई बड़े चेहरे जाएंगे जेल
बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर पूरी दृढ़ता के साथ JPSC-CGL मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी CBI को सौंपने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी CBI जांच कराई जाए, तो सरकार और प्रशासन के कई रसूखदार चेहरे सीधे जेल की सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि रामगढ़ में सत्ताधारी दल के नेता खुलेआम छात्रों को पटक-पटक कर पीटने की धमकियां दे रहे हैं, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।
'20 जुलाई को रांची को सीमा में बदला, फिर भी शांति से लड़े छात्र'
मरांडी ने राज्य के प्रतियोगी छात्रों के अनुशासन की सराहना करते हुए याद दिलाया कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान छात्रों को रोकने के लिए रांची की सड़कों को भारत-पाकिस्तान और बांग्लादेश बॉर्डर जैसी किलेबंदी में तब्दील कर दिया गया था। इसके बावजूद छात्रों ने अत्यंत शालीनता और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया था। इसके विपरीत, सरकार ने दुर्भावना से ग्रसित होकर छात्रों पर लाठीचार्ज करवाया। इस प्रेस वार्ता में पार्टी के महानगर अध्यक्ष रंजीत राय, चुन्नूकांत, महादेव दुबे, दिलीप वर्मा, मुनिया देवी, अनूप सिन्हा, सुभाष सिन्हा और अरविंद बरनवाल सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।

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