MP: डायल-112 के जवानों की जांबाजी; 3 किलोमीटर दौड़कर रेलवे ट्रैक पर सुसाइड करने जा रहे किशोर को बचाया
घरेलू विवाद से नाराज एक नाबालिग आत्महत्या करने के लिए घर से बाहर रेलवे ट्रैक की ओर भाग निकला. लेकिन इसकी सूचना जैसे ही डायल 112 टीम को मिली. टीम ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को मौत के मुंह से बचा लिया.

Burhanpur / Madhya Pradesh (Report By- Ashok Soni): मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में डायल-112 की टीम ने तत्परता और सूझबूझ से एक मासूम की जिंदगी बचा ली. यह पूरी घटना जिले के लालबाग थाना इलाके की है जहां घरेलू विवाद से नाराज एक नाबालिग आत्महत्या करने के लिए घर से बाहर रेलवे ट्रैक की ओर भाग निकला. लेकिन इसकी सूचना जैसे ही डायल 112 टीम को मिली. टीम ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे का करीब 3 किलोमीटर दूर दौड़ाया और उसे रेलवे ट्रैक पर सुसाइड करने से बचा लिया.
मां की एक कॉल पर एक्शन में आई पुलिस
जानकारी के अनुसार, लालबाग के मिलचाल क्षेत्र निवासी कुसुम कैथवास का अपने 16 साल के बेटे आशुतोष (पिता-राजेश कैथवास) से किसी बात को लेकर घरेलू विवाद हुआ. इस दौरान आशुतोष नाराज होकर गुस्से में आत्महत्या करने की बात कहकर रेलवे स्टेशन की ओर भाग गया. बेटे की बात सुन घबराई मां ने तुरंत डायल-112 पर कॉल कर मामले की पूरी सूचना दी.

रेलवे ट्रैक पर मौत की दौड़ और जांबाज जवान
इधर, मामले की सूचना मिलते ही डायल-112 कंट्रोल रूम में तैनात आरक्षक पवन महाजन ने बिना एक पल गंवाए लालबाग थाना की 'FRV 03' गाड़ी को तत्काल मौके के लिए रवाना किया. वाहन में तैनात आरक्षक शेख रिजवान और पायलट भूषण तेजी से रेलवे ट्रैक की ओर भागे और वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि लालबाग-पाटोंडा रेववे पटरी पर आशुतोष आगे बढ़ रहा है. इस दौरान जवानों ने उसे दूर से ही आवाज लगाई और उसे रुकने को कहा लेकिन आशुतोष उनकी आवाज सुनकर रुकने के बजाय पटरी पर और तेजी से दौड़ने लगा.

3 किमी का लगातार दौड़ाकर किया पीछा
मौके पर खतरा भांपते हुए आरक्षक शेख रिजवान ने अपनी जान की परवाह किए बगैर उसके पीछे पटरी पर दौड़ लगानी शुरु की. करीब 3 किलोमीटर तक लगातार पीछा किया और आखिरकार किशोर आशुतोष को पकड़ ही लिया. और उसे पटरी से सुरक्षित नीचे उतारा. डायल-112 की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की बदौलत एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. जवानों ने किशोर को सुरक्षित लाकर समझा-बुझाकर उसके रोते-बिलखते परिवार को सौंप दिया. वहीं, समय रहते मिली इस मदद के लिए पीड़ित परिवार ने डायल-112 की टीम और मध्य प्रदेश पुलिस का आभार व्यक्त किया.
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