Mizoram में सुपारी तस्करी पर ED का बड़ा एक्शन
भारत-म्यांमार सीमा से जुड़े नेटवर्क की जांच, 9 ठिकानों पर छापेमारी

Enforcement Directorate (ED) ने Mizoram के चम्फाई जिले में कथित सुपारी तस्करी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 9 जगहों पर छापेमारी की। भारत और म्यांमार की सीमा पर सक्रिय इस नेटवर्क की जांच Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के अंतर्गत हो रही है। इस कार्रवाई में ED को मिजोरम पुलिस का भी अहम सहयोग मिल है। जांच एजेंसियों ने बताया की, म्यांमार से सूखी सुपारी के शिपमेंट को तियू नदी के रास्ते गैर-कानूनी रूप से भारत लाया जा रहा था। इसके बाद उन्हें स्थानीय गोदामों में रखकर फर्जी बिल और जाली दस्तावेजों के द्वारा वैध व्यापार के रूप में दिखाया जा रहा था। छापेमारी स्थानीय व्यापारियों और कथित नेटवर्क संचालकों के निवासों और व्यावसायिक जगहों पर की गई।
मामले की जांच अगस्त 2024 में CBI की Anti-Corruption Bureau इम्फाल द्वारा दर्ज FIR से शुरू हुई थी। यह कार्रवाई गुवाहाटी हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज कराई गई एक PIL के बाद की गई, जिसमें म्यांमार की सुपारी की तस्करी और परिवहन के लिए जारी Electronic Waybill में गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया था।
जांच में 2021 से 2024 के बीच Mizoram राज्य GST प्रणाली से 251.19 करोड़ रुपये और केंद्रीय GST प्रणाली से 86.25 करोड़ रुपये मूल्य के संदिग्ध E-way Bill जारी होने की बात पता चली है। एजेंसियों को शक है कि कुछ स्थानीय लोगों की पहचान को प्रयोग में लाकर जब्त माल को छुड़ाया और अवैध लेनदेन को वैध दिखाया गया है। ED अब वित्तीय लेनदेन की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
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