'बिजली नहीं सुधरी तो बंद हो जाएंगे उद्योग!', DVC के बड़े साहब के सामने छलका गिरिडीह के उद्योगपतियों का दर्द
केंद्र सरकार की प्रमुख बिजली आपूर्ति कंपनी दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) ने गिरिडीह में अपने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं की जमीनी समस्याएं जानने के लिए एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया।

Giridih: केंद्र सरकार की प्रमुख बिजली आपूर्ति कंपनी दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) ने गिरिडीह में अपने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं की जमीनी समस्याएं जानने के लिए एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया। उत्सव उपवन रिसॉर्ट में आयोजित इस एक दिवसीय कंज्यूमर एडवोकेसी कानूनी जागरूकता शिविर में DVC कोलकाता सिस्टम के कार्यकारी निदेशक दिनेश कुमार सिंह खुद शामिल हुए। यह पहला मौका था जब DVC ने गिरिडीह के उद्योगपतियों के साथ इस तरह का सीधा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय स्टील और इंडस्ट्रियल सेक्टर से जुड़े बड़े नाम पहुंचे।
'DVC से बढ़ा पावर कट, जल्द लाएंगे सुधार'
कार्यक्रम के दौरान DVC कोलकाता सिस्टम के कार्यकारी निदेशक दिनेश कुमार सिंह ने गिरिडीह के प्रमुख उद्योगपतियों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि शिविर का मुख्य मकसद अपने उपभोक्ताओं की व्यावहारिक दिक्कतों को समझना था, क्योंकि जब उद्योगों का विस्तार होगा तभी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। पावर कट के मुद्दे पर ईमानदारी से स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में DVC की तरफ से बिजली कटौती बढ़ी है, जिसे दुरुस्त करने का प्रयास तेजी से जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही गिरिडीह के हर एक उद्योग को गुणवत्तापूर्ण बिजली सप्लाई मिलेगी।
बिजली की दरें घटाना हमारे हाथ में नहीं
बिजली के दामों में राहत देने के सवाल पर कार्यकारी निदेशक ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि दरों में कमी या बढ़ोतरी का फैसला विद्युत नियामक आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि DVC सिस्टम के हाथ में। हालांकि, झारखंड बिजली बोर्ड के साथ तालमेल पर उन्होंने कहा कि राज्य बिजली बोर्ड के साथ उनका संबंध बेहद बेहतर है और उसी के तहत लगातार पावर सप्लाई दी जा रही है।
'अगर हालात नहीं सुधरे तो गिरिडीह में इंडस्ट्री चलाना हो जाएगा नामुमकिन'
शिविर में मौजूद गिरिडीह के प्रख्यात उद्योगपति और Saluja Gold Group के चेयरमैन डॉ. अमरजीत सिंह सलूजा ने DVC के समक्ष अपनी चिंताएं रखीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गिरिडीह के पूरे इंडस्ट्रियल सेक्टर को DVC से बड़ी उम्मीदें हैं, लेकिन अगर बिजली की गुणवत्ता और सप्लाई में सुधार नहीं हुआ, तो यहां उद्योग चलाना बेहद मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि क्वालिटी सुधारने के साथ-साथ टैरिफ में राहत देना भी उद्योगों के अस्तित्व के लिए बेहद जरूरी है।
'कोयला और पानी झारखंड का, फिर भी बिजली के लिए तरस रहे हम'
कार्यक्रम के दौरान Shivam Steel Group के निदेशक प्रमोद अग्रवाल ने DVC पर तीखा सवाल दागते हुए कहा कि जिस राज्य का कोयला और पानी इस्तेमाल हो रहा हो, वहीं के उद्योगों को बिजली से वंचित रखना बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने याद दिलाया कि दशकों से DVC के जरिए ही गिरिडीह में उद्योगों का विस्तार हुआ है, इसलिए अब इस व्यवस्था को और बेहतर बनाना बेहद जरूरी है। इस महत्वपूर्ण कंज्यूमर कैंप में राजेश मोदी, सौरभ बरनवाल, शैलपुत्री स्टील के राकेश बरनवाल, पिंटू जालान और अफरोज समेत गिरिडीह के कई नामी उद्योगपति उपस्थित थे।

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