Jharkhand (Chaibasa): साल 2012 में चाईबासा का रहने वाला 6 वर्षीय राजा गलत ट्रेन में चढ़ने के कारण अपने पिता से बिछड़ गया था. पूरे चौदह साल बाद 2026 में सोशल मीडिया के जरिए वह अपने परिवार से मिल सकेगा. जहां उम्मीद की लौ बुझ चुकी हो, वहां मनचाही मुराद पूरी हो जाए तो जैसी खुशी होगी, कुछ वैसी ही महसूस कर रही हैं राजा गोप की मां मणि.
राजा गोप अब 20 वर्ष का हो चुका है. राजा के पिता ईंट भट्ठे में काम किया करते थे. वह अपने बेटे को लेकर चाईबासा (झारखंड) से पश्चिम बंगाल के हावड़ा के लिए रवाना हुए थे. थोड़ी सी चूक के कारण राजा अपने पिता से रास्ते में बिछड़कर गलत ट्रेन में चढ़ गया और केरल के एर्नाकुलम जा पहुंचा.
कार्यकर्ताओं ने उन्हें बचाया और एक आश्रय गृह में रखा. कई वर्षों बाद, केरल बाल कल्याण समिति के कौशल विकास और पुनर्वास कार्यक्रम के तहत कन्नूर में स्थानांतरित होने के बाद, स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उन्हें रेलवे चिल्ड्रन से जोड़ा. चाईबासा में राजा का एक वीडियो वायरल हुआ और यह हरिमारा गांव (पश्चिम सिंहभूम) में उनके परिवार तक पहुंचा. यही वह पल था, जब उनकी मां की आंखों में उम्मीद की चमक आ गयी. सामाजिक कार्यकर्ता फरदीन खान ने बताया, “उन्हें अपने गृहनगर चाईबासा का नाम, अपने माता-पिता के पहले नाम और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के नाम ही याद थे, लेकिन अपने गांव का सटीक पता नहीं था.”
उनकी मां मणि ने कहा कि बच्चे के पिता उसके मिल जाने की खबर सुनकर बेहद खुश होते. उन्होंने बताया कि उनकी चार साल पहले ही मृत्यु हो चुकी थी. मणि ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि मेरा बेटा जीवित है और घर लौट रहा है…”
राजा के पिता का 4 साल पहले निधन हो गया. उनकी मां, मणि ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि मेरा बेटा जीवित है और घर लौट रहा है…”
झारखंड का महिला एवं बाल विकास विभाग केरल के विभाग के साथ समन्वय कर रहा है, और अधिकारियों का कहना है कि कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उनका मिलन हो जाएगा.








