अंश-अंशिका की तलाश कब तक? बढ़ता जनाक्रोश, भाजपा ने किया SSP कार्यालय का घेराव
नवीन जयसवाल ने कहा कि 12 दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलना प्रशासन की घोर विफलता को दर्शाता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनुशासित आंदोलन के बावजूद सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं को जगन्नाथपुर थाना में रोका गया.

JHARKHAND (RANCHI): बीते 2 जनवरी से लापता हुए बच्चे अंश और अंशिका का पुलिस-प्रशासन अब तक कुछ सुराग नहीं ढूंढ पाई है. 12 दिनों में दो बार इनाम राशि बढ़ा दी गई (अब 4 लाख), हजारों थानों व सैकड़ों एनजीओ से मदद ली गई है. लेकिन पुलिस के हाथ लगा भी तो सिर्फ शून्य और नाकामी. विपक्ष के साथ जनाक्रोश भी केवल यही सवाल कर रहा है कि आखिर कब तक यह तलाशी अभियान चलाए जाएंगे, और कब तक पुलिस सिर्फ ढांढ़स बंधाती रहेगी.

बीजेपी ने किया SSP कार्यालय का घेराव
दोनों बच्चों के सकुशल बरामदगी नहीं होने से जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है. इसी को लेकर मंगलवार को महानगर भाजपा ने एसएसपी कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन महानगर भाजपा अध्यक्ष वरुण साहू के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए. धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों मासूम बच्चों की अविलंब सकुशल बरामदगी की मांग की.
सीपी सिंह ने सरकार को बताया 'भ्रष्ट'
धरना के दौरान रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि जब राज्य सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हो, तो पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद करना कठिन हो जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था नीचे से ऊपर तक कमजोर हो चुकी है, जिसके कारण बच्चों की तलाश में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है.

"भाजपा कार्यकर्ताओं को जगन्नाथ थाना के करीब रोका गया"
मुख्य सचेतक एवं विधायक नवीन जयसवाल ने कहा कि 12 दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलना प्रशासन की घोर विफलता को दर्शाता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनुशासित आंदोलन के बावजूद सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं को जगन्नाथपुर थाना में रोका गया.
इतने प्रयासों का परिणाम पीड़ित परिवार सिर्फ एक ही चाहता है कि उनके बच्चे उन्हें मिल जाएं. बच्चों की मां का रो-रोकर बुरा हाल है, उसकी सेहत भी दिनों-दिन गिरती जा रही है. वही उसकी पथराई आंखे बस अपने बच्चों की आहट सुनने को तरस गई हैं.
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