हेल्पिंग एनएस फाउंडेशन लाएगी बेसहारा बच्चों की होंठों पर मुस्कान.. मनाई जाएगी दिवाली
समाज सेवा के क्षेत्र में समर्पित संगठन 'हेल्पिंग एनएस फाउंडेशन' ने इस बार दिवाली को एक विशेष रूप देकर समाज में एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है. 'सबकी दिवाली' अभियान के तहत फाउंडेशन ने अनाथालय के बच्चों के साथ दिवाली का पर्व मनाने का निश्चय किया है, जिसमें न केवल बच्चों के चेहरे खिलेंगे, बल्कि हर किसी का दिल भी रोशनी और प्रेम से भर उठेगा.

लालपुर, रांची : समाज सेवा के क्षेत्र में समर्पित संगठन 'हेल्पिंग एनएस फाउंडेशन' ने इस बार दिवाली को एक विशेष रूप देकर समाज में एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है. 'सबकी दिवाली' अभियान के तहत फाउंडेशन ने अनाथालय के बच्चों के साथ दिवाली का पर्व मनाने का निश्चय किया है, जिसमें न केवल बच्चों के चेहरे खिलेंगे, बल्कि हर किसी का दिल भी रौशनी और प्रेम से भर उठेगा.
'सबकी दिवाली' – एक अनूठी पहल
फाउंडेशन हेड शताक्षी जयसवाल ने बताया कि "सबकी दीवाली" की थीम के साथ गरीब व बेसहारा बच्चों की दीवाली रौशन करने का लक्ष्य रखा गया है. बताया कि उनकी ये फाउंडेशन ऐसे बच्चे, जो अपने माता-पिता से दूर हैं या अपने जीवन में बेसहारा हैं उन्हें सहारा देने का काम करती है. इसी सोच की एक कड़ी में NGO ने शहर के अन्य प्रचलित लोगों को आमंत्रित किया है, जिससे बच्चों का एक दिन वे अपना कुछ समय खर्च कर रौशन कर सकें.
संस्थापक का संदेश
एनएस फाउंडेशन के संस्थापक ने कहा:
"हमारा मानना है कि असली दिवाली तभी होती है जब हर चेहरा मुस्कुराए, हर पेट भरा हो और हर दिल को प्यार मिले. ‘सबकी दिवाली’ उसी दिशा में एक छोटा सा प्रयास है. हम चाहते हैं कि समाज के हर तबके को समान अवसर और सम्मान मिले."
भविष्य की योजनाएं
2020 में नींव रखे गए उक्त NGO की कुछ अत्यंत खास योजनाएं भी हैं. शताक्षी बताती हैं कि फाउंडेशन भविष्य में एक कदम बेसहारा लोगों के लिए कानूनी मदद मुहैया कराने को लेकर भी उठाएगी. जिससे गरीबों की मदद कानूनी तौर से भी बिना किसी लागत के की जा सके.
फाउंडेशन आने वाले समय में और भी कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की योजना बना रही है. इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और पशु कल्याण को लेकर विशेष परियोजनाएं शामिल हैं.
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