रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर प्रबंधन विवाद में HC का बड़ा फैसला!
सुनवाई के दौरान झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से मंदिर के बेहतर संचालन और प्रबंधन के लिए एक संशोधित स्कीम कोर्ट के सामने पेश की गई।

Jharkhand High Court: रांची के धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर के संचालन और रखरखाव को लेकर चल रहे विवाद में झारखंड HC (हाईकोर्ट) में बेहद अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से मंदिर के बेहतर संचालन और प्रबंधन के लिए एक संशोधित स्कीम कोर्ट के सामने पेश की गई। यह स्कीम ट्रस्ट बोर्ड एक्ट के सेक्शन 32 के तहत तैयार की गई है। मामले की सुनवाई HC के न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में हुई, जहां न्यास बोर्ड की तरफ से अधिवक्ता भरत कुमार ने मजबूती से अपना पक्ष रखा।
AG की अध्यक्षता में बनी 11 लोगों की कमेटी
पेश की गई नई योजना का सही तरीके से मूल्यांकन करने के लिए कोर्ट ने राज्य के महाधिवक्ता यानी AG रोहित राय की अध्यक्षता में 11 सदस्यों वाली एक पावरफुल कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। इस कमेटी का ढांचा बेहद संतुलित रखा गया है। इसमें AG के अलावा झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष, रांची DC, जगन्नाथपुर मंदिर का निर्माण कराने वाले स्वर्गीय एनीनाथ शाहदेव के तीन वंशज और 4 वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहेंगे। यह हाई-लेवल कमेटी मंदिर संचालन की नई योजना का बारीकी से अध्ययन करेगी।
3 सितंबर तक देनी होगी रिपोर्ट, 7 सितंबर को अगली सुनवाई
अदालत के आदेश के मुताबिक यह 11 सदस्यीय कमेटी पूरी योजना को गहराई से परखने के बाद अपनी रिपोर्ट 3 सितंबर तक HC को सौंपेगी। इसके बाद इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी। आपको बता दें कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मंदिर के सही और पारदर्शी संचालन के लिए धार्मिक न्यास बोर्ड को एक ठोस योजना बनाकर पेश करने का सख्त निर्देश दिया था, जिसके बाद यह संशोधित ड्राफ्ट अदालत के पटल पर रखा गया है।
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