आपके पास भी आ गया है कटा-फटा नोट? घबराएं नहीं, जानिए इसे बदलने का सबसे आसान और फ्री तरीका
भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं। आरबीआई की नोट वापसी नियमावली 2009 और इसके संशोधित 2018 के नियमों के तहत देश के हर नागरिक को गंदे या कटे-फटे करेंसी नोटों को बदलने का अधिकार मिला हुआ है

RBI Guidelines: मार्केट में कई बार खरीदारी या लेन-देन करते समय कई बार गंदे, फटे या मुड़े हुए नोट हमारे हाथ में आ जाते हैं। ऐसे में सबसे बड़ी दिक्कत तब होती है जब कोई दुकानदार या व्यापारी इन नोटों को लेने से साफ मना कर देता है। इसके बाद आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब आपको ऐसे नोटों को लेकर बिल्कुल भी घबराने या नुकसान उठाने की जरूरत नहीं है। आपके पास इन नोटों को बदलने का पूरा अधिकार है।
किसी भी बैंक में जाकर बदल सकते हैं अपना पैसा
भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं। आरबीआई की नोट वापसी नियमावली 2009 और इसके संशोधित 2018 के नियमों के तहत देश के हर नागरिक को गंदे या कटे-फटे करेंसी नोटों को बदलने का अधिकार मिला हुआ है। सबसे अच्छी बात यह है कि नोट बदलने के लिए आपको उसी बैंक में जाने की जरूरत नहीं है जहां आपका खाता है। आप अपने घर के पास मौजूद किसी भी व्यावसायिक बैंक की शाखा में जाकर काउंटर पर बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के अपने पुराने और कटे-फटे नोट आसानी से बदल सकते हैं और इसके बदले आपको अपने नोट की पूरी कीमत मिलेगी।
आखिर किस तरह के नोटों को बदला जा सकता है?
RBI के नियमों के अनुसार आप कई तरह के खराब नोटों को बैंक में जमा कर सकते हैं। अगर आपका नोट बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने की वजह से गंदा हो गया है या हल्का फट गया है, तो उसे आसानी से बदला जा सकता है। इसके अलावा ऐसे नोट जिनके दो या उससे ज्यादा टुकड़े हो गए हैं या फिर नोट का कोई छोटा हिस्सा गायब है, उन्हें भी बैंक स्वीकार करेगा। यही नहीं, अगर किसी नोट में छपाई की कोई कमी है या तकनीकी खराबी है, तो ऐसे नोटों को भी बदलकर आप एकदम नए नोट ले सकते हैं।
बैंक के मना करने पर यहां करें लिखित शिकायत
कई बार ऐसा देखने में आता है कि कुछ बैंकों के कर्मचारी ग्राहकों के गंदे या कटे-फटे नोट बदलने से आनाकानी करते हैं या सीधे मना कर देते हैं। अगर आपके साथ भी कोई बैंक अधिकारी ऐसा बर्ताव करता है, तो आप उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको उसी बैंक के ब्रांच मैनेजर से संपर्क करना होगा और बैंक के शिकायत रजिस्टर में अपनी लिखित शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत दर्ज कराने के बाद बैंक के आंतरिक शिकायत निवारण सिस्टम के पास आपकी समस्या सुलझाने के लिए 30 दिनों का समय होता है।
सीधे RBI के लोकपाल से भी कर सकते हैं शिकायत
अगर आपकी लिखित शिकायत दर्ज करने के एक महीने बाद भी बैंक आपकी समस्या का समाधान नहीं करता है, या फिर आप बैंक के जवाब से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं, तो आपके पास एक और बड़ा विकल्प मौजूद है। आप सीधे आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह प्रक्रिया बेहद आसान और पूरी तरह से मुफ्त है। आप आरबीआई के ऑनलाइन पोर्टल cms.rbi.org.in पर जाकर अपनी शिकायत घर बैठे दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा आप आरबीआई के खास हेल्पलाइन नंबर 14448 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज कराने का सही तरीका जान सकते हैं और अधिकारियों से मार्गदर्शन ले सकते हैं।
याद रखिए कि करेंसी नोट देश की संपत्ति हैं और उन्हें कानूनी तरीके से बदलने का अधिकार आपको दिया गया है। इसलिए अगली बार जब भी कोई गंदा या फटा नोट मिले, तो उसे फेंकने या कम दाम पर बिचौलियों को देने के बजाय सीधे अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर बदलवाएं।
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