Greater Noida: 'पापा गाड़ी धीरे-धीरे डूब रही है, बचा लीजिए', सिस्टम की लापरवाही ने ली युवराज की जान !
नोएडा का रहने वाला युवराज एक अंडर कंस्ट्रक्शन मॉल की बेसमेंट में कार सहित गिर जाता है. 30 फीट गहरे गड्ढे में गिरा वह किसी तरह डूबने से खुद को बचाता रहा, घंटों मौत ने नजरें चुराता युवराज आखिरकार सिस्टम की लापरवाही के कारण जिंदगी की जंग हार जाता है.

News Desk (Noida): नोएडा के सेक्टर 150 में काम से अपने घर लौट रहे युवराज की कार एक गहरे गड्ढे में गिर जाती है. वहां कई घंटों तक वो फंसा रहता है, बचाव की गुहार लगाता रहता है. लेकिन आखिरकार सिस्टम की लापरवाही के कारण उसकी जान चली जाती है. पेशे से इंजीनियर युवराज मेहता अपने काम के बाद घर लौट रहा था. घटना एक निर्माणाधीन मॉल के बासमेंट में पानी भरे होने और वहां किसी प्रकार के साइन बोर्ड के न होने के कारण घटी. जिसने एक बाप से उसके 27 साल के बेटे को छीन लिया.
लगाता रहा बचाने की गुहार
टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी मृतक के पिता राज कुमार मेहता ने बताया कि करीब 12 बजे बेटे का फोन आया था. उसने कहा कि वह नाले में गिर गया, उसे बचाओ आकर. उन्होंने बताया कि वह किसी दूसरे नाले के पास पहुंचकर बेटे को ढूंढ रहे थे, जहां वह नहीं मिला. करीब आधे घंटे तक ढूंढने के बाद उन्होंने देखा कि युवराज एक गहरे नाले में कार समेत गिरा हुआ है, जो कार की ही छत पर बैठा मदद की आस में था. उन्होंने फौरन 112 पर फोन किया.
डूबते बेटे के सामने मजबूर पिता
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल के कर्मियों ने पहले रस्सी फेंककर ही बचाव का प्रयास किया. मगर रस्सी उस तक नहीं पहुंची. क्रेन भी मंगवाई गई वह भी उस तक नहीं पहुंची. जिस कारण राहत बचाव कार्य में देरी हुई. मौके पर कोई गोताखोर भी नहीं पहुंचा. इस कारण वह उनकी आंखों के सामने ही कार सहित डूब गया. बाद में सफलता नहीं मिलते देख एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया. कई घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद उन्होंने पुत्र को बाहर निकाला, लेकिन तबतक उसकी मौत हो चुकी थी.
लापरवाह व्यवस्था
जिस जगह पर हादसा हुआ है. वहां पहले भी एक ट्रक कोहरे के कारण फंस चुका था. बावजूद उस हादसे से सबक नहीं लिया गया. जिस बेसमेंट में हादसे हुआ है, वह हमेशा ही पानी भरा रहता है. ट्रक हादसे की घटना के बाद उसे दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया. घटना स्थल के पास नाला भी खुला हुआ है. वहां कोई रिफ्लेक्टर और बैरिकेड भी नहीं था.
मामले को समझिए
ग्रैंडियोस के समीप टी प्वाइंट के पास शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होने के बाद गहरे नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में करीब 70 फीट दूर जा गिरी थी. नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस, दमकल टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 30 फीट गहरे पानी से युवक को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था.
बेबस पिता, सिस्टम गुनहगार
वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने युवराज मेहता की चीखें सुनीं और मदद करने की कोशिश की, लेकिन कार पूरी तरह से पानी में डूब चुकी थी. टेक्नीशियन ने अपने पिता राजकुमार मेहता को भी फोन किया और कहा, “पापा, मैं पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में गिर गया हूं. मैं डूब रहा हूं. कृपया आकर मुझे बचाओ. मैं मरना नहीं चाहता.” कुछ ही मिनटों में स्थानीय पुलिस, गोताखोर और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया. युवराज मेहता के पिता भी मौके पर मौजूद थे. पिता ने बताया कि उन्हें तैरना नहीं आता, जिस कारण वे प्रशासन की मदद के भरोसे वही बेबस खड़े रहने को मजबूर थे.
करीब 5 घंटे चला बचाव अभियान
करीब पांच घंटे के रेस्क्यू के बाद युवराज और उसकी कार को गड्ढे से बाहर निकाला गया. हालांकि युवराज मेहता को मृत घोषित कर दिया गया. घटना के बाद युवराज मेहता के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि अधिकारियों ने सर्विस रोड के किनारे न तो रिफ्लेक्टर लगाए थे और न ही नालों को ढका था. पीड़ित के पिता ने कहा कि घने कोहरे के बीच सड़क पर रिफ्लेक्टर न होने के कारण यह हादसा हुआ. नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सर्वेश कुमार ने कहा कि मामले में पाई गई किसी भी लापरवाही की जांच की जाएगी और ज़रूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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