राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार हुए स्कूली विद्यार्थियों से रूबरू, कहा- "अभ्यास व अनुशासन से बनता है सफल जीवन"
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रामरुद्र सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में विद्यार्थियों से संवाद किया. उन्होंने अपने निजी जीवन के अनुभव साझा किए. साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को सफल जीवन के मंत्र भी दिए.

Jharkhand (Bokaro): झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज रामरुद्र सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना राज्य के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है. जब विद्यालय के नाम में ही ‘एक्सीलेंस’ अर्थात उत्कृष्टता निहित है, तो विद्यार्थियों का लक्ष्य भी हर हाल में उत्कृष्टता प्राप्त करना होना चाहिए.
"निरंतर अभ्यास और अनुशासन से बनती है सफलता की आधारशिला"
राज्यपाल महोदय ने कहा कि विद्यार्थियों से केवल उनके अभिभावकों को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को बड़ी अपेक्षाएं हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने तथा समय के महत्व को समझने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि विद्यालय में सीखी गई छोटी-बड़ी आदतें- जैसे समय पर आना, नियमित अभ्यास करना और अनुशासन बनाए रखना. इनसे जीवन में आगे चलकर सफलता की आधारशिला बनती हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सपने वे नहीं हैं जो नींद में देखते हैं, बल्कि सपने वे होते हैं जो उन्हें पूरा किए बिना सोने नहीं देते. उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, आत्मविश्वास, परिश्रम और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है. उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचने तथा अध्ययन और आत्म-विकास पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी.
राज्यपाल ने अपने संघर्षशील जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि जब वे दो वर्ष के भी नहीं थे, तभी उनके पिता का देहांत हो गया था. वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं. आज जो भी हैं, इसमें उनके माता-पिता का आशीर्वाद है. उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियां भी व्यक्ति को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं, यदि उसके भीतर दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास हो.
'परीक्षा पे चर्चा' पर रखे अपने विचार
राज्यपाल ने संवाद के क्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रेरित करते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने का संदेश दिया तथा कहा कि अनावश्यक रूप से अन्य दिशाओं में ध्यान भटकाना अपने साथ अन्याय करना है.
माता-पिता के त्याग को रखें याद
उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का मूल आधार उसकी शिक्षा होती है. उन्होंने कहा कि राज्य में बारहवीं तक की शिक्षा की स्थिति अच्छी तो है, किन्तु उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बहुत पीछे हैं. इसमें सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता के त्याग को स्मरण रखने तथा शिक्षकों का सम्मान करने का आग्रह किया.
राज्यपाल ने संवाद के क्रम में विद्यार्थियों से कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या हो तो वे उन्हें पत्र लिखकर अवगत करा सकते हैं.
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