महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर राज्यपाल और CM हेमंत ने अर्पित किया श्रद्धा सुमन
गांधी जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उनकी शिक्षा और सिद्धांतों ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी बल्कि आजादी के बाद भी लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई.

Naxatra News Hindi
Ranchi Desk: देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की आज जयंती है. इस अवसर गुरुवार (2 अक्तूबर 2025) को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने माल्यार्पण करते हुए उन्हें नमन किया. उन्होंने राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया.
मौके पर बापू वाटिका में टाना भगतों ने भी महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. गांधी गांधी के सिद्धांतों को मानने वाले टाना भगत परंपरागत वेशभूषा में बापू वाटिका पहुंचे, जहां उन्होंने बापू के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
आजादी के बाद भी लोकतंत्र की मजबूत पर बापू ने निभाई अहम भूमिका
इस दौरान मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार, उनकी अहिंसा, सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा आज पूरे देश और विश्व के लिए मार्गदर्शक है. उन्होंने कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास का स्वर्णिम दिवस है. गांधी जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उनकी शिक्षा और सिद्धांतों ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी बल्कि आजादी के बाद भी लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई.
ऐसे महान विभूतियों के आदर्श और त्याग ही हैं जिनकी वजह से आज भारत एक सशक्त और गौरवशाली लोकतंत्र के रूप में दुनिया के सामने खड़ा है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समस्त झारखंड वासियों से आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी अपने जीवन में पूरी संजीदगी से बापू के सिद्धांतों को अपनाएं और समाज में शांति, भाईचारा एवं एकता के माहौल को और मजबूती दें.
शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी एवं कर्मठता की मिसाल थे- CM
मुख्यमंत्री ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भी नमन किया और कहा कि शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी एवं कर्मठता की मिसाल थे. उनके दिए गए नारे “जय जवान, जय किसान” आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के जीवन से हमें कर्तव्य परायणता, देशभक्ति और जनसेवा की सीख मिलती है, जिसे आत्मसात कर हम झारखंड और भारत को और सशक्त बना सकते हैं.
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