TRE-4 पर सरकार का बड़ा यू-टर्न! छात्रों के आंदोलन के बीच CM सम्राट चौधरी का ऐलान
बिहार में शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच CM सम्राट चौधरी ने TRE-4 परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा अब एकल चरण में होगी।


पटना: बिहार में शिक्षक अभ्यर्थियों के लगातार आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने TRE-4 परीक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने फैसला लिया है कि TRE-4 यानी चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा अब एकल चरण में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसके साथ परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति समेत कुल 10 महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर शुरू से गंभीर रही है। उन्होंने बताया कि छात्रों की मांग को देखते हुए इस बार TRE-4 परीक्षा एक ही चरण में कराने का निर्णय लिया गया है।
छात्रों की बड़ी मांग हुई पूरी
दरअसल, पटना के गर्दनीबाग में पिछले कई दिनों से शिक्षक अभ्यर्थी TRE-4 को लेकर आंदोलन कर रहे थे। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग थी कि चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा भी पिछली तीन शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तरह एकल चरण में आयोजित की जाए। बताया जा रहा था कि BPSC की ओर से TRE-4 परीक्षा को दो चरणों में कराने की बात कही गई थी। इसके विरोध में अभ्यर्थियों ने आंदोलन तेज कर दिया था। अब सरकार की ओर से एक चरण में परीक्षा कराने के फैसले को आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है।
25 अगस्त को पटना में हुआ था जोरदार प्रदर्शन
TRE-4 को लेकर 25 अगस्त को पटना में छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों का प्रदर्शन काफी उग्र हो गया था। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई थी। डाकबंगला समेत विभिन्न इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी। बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ जगहों पर लाठीचार्ज भी किया गया। इसके बाद TRE-4 को एक चरण में कराने की मांग को लेकर सरकार के फैसले पर सबकी नजर थी।
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में विभिन्न परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए ‘परीक्षा सुधार पर विशेषज्ञ समिति’ का गठन किया गया है।
पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होने वाली समिति विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को अपनी अनुशंसाएं देगी।
‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ से 30 दिन में शिकायतों का समाधान
सरकार ने छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ शुरू करने की भी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस व्यवस्था के माध्यम से छात्रों की समस्याओं और शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था की गई है।
TRE-4 को एक चरण में कराने के फैसले के बाद अब शिक्षक अभ्यर्थियों की नजर परीक्षा के आधिकारिक कार्यक्रम और अधिसूचना पर रहेगी। वहीं, परीक्षा सुधार समिति की सिफारिशों से आने वाले समय में BPSC समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में भी बदलाव की उम्मीद है। फिलहाल, लगातार आंदोलन के बाद TRE-4 को लेकर सरकार का यह फैसला शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर सामने आया है।

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