Bihar (Motihari): बिहार के मोतिहारी के यूट्यूबर राजा उत्कर्ष सिंह इन दिनों उत्तराखंड के कोटद्वार के दीपक कुमार पर किए गए एक विवादित ऐलान के बाद से चर्चा में है. उत्कर्ष ही वो ही शख्स है जिन्होंने सोशल मीडिया पर मोहम्मद दीपक को दो थप्पड़ मारने वाले व्यक्ति को 2 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया था. लेकिन अब इस मामले में उत्तराखंड की कोटद्वार पुलिस ने संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज किया था.
बाबा' विवाद में कूदा बिहार का उत्कर्ष
दरअसल, मोतिहारी के उत्कर्ष का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने उत्तराखंड के मो. दीपक को थप्पड़ मारने वाले को 2 लाख देने का ऑफर दिया. वीडियो में उत्कर्ष कह रहे हैं कि "मोहम्मद दीपक को जो मारेगा और उसे जो हिंदू धर्म के बारे में वापस सनातन धर्म के बारे में जो बताएगा, उसे हम दो लाख रुपए देने का काम करेंगे."
वीडियो जारी होते ही यह सोशल मीडिया में वायरल हो गया और इसके बाद दीपक ने उत्तराखंड के कोटद्वार कोतवाली ने उत्कर्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने बिहार पुलिस की मदद से उत्कर्ष के खिलाफ FIR दर्ज की. वहीं, FIR के बाद उत्कर्ष ने सफाई दी कि "दीपक का वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा था और मेरे यूट्यूब चैनल की Reach कम हो गई थी. इसलिए मैंने मिर्च मसाला लगाकर वीडियो बनाया. मैं आगे से ध्यान रखूंगा, दीपक भाई आपके दिल को अगर ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं."
बता दें, यूट्यूबर उत्कर्ष मोतिहारी जिले का रहने वाला है. उसके द्वारा उत्तराखंड के दीपक कुमार को 'थप्पड़ मारो 2 लाख इनाम पाओ' की घोषणा के बाद अब यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है. उसका ये वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया में वायरल हुआ उत्तराखंड पुलिस हरकत में आई और अब पुलिस उत्कर्ष की तलाश में छापेमारी कर रही है !
दीपक कुमार ने पुलिस में दी शिकायत
दरअसल, दीपक ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होता देख इसकी शिकायत उत्तराखंड के कोटद्वार कोतवाली में दी. उसने अपनी शिकायत में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया के जरिए उसकी छवि को धूमिल करने की कोशिश और उसे थप्पड़ मारकर 2 लाख इनाम पाओ का ऐलान किया गया है. दीपक ने इस वीडियो को अपने भविष्य जिंदगी के लिए खतरा बताया और कहा कि यह धमकी उन्हें डराने और सामाजिक रुप से टारगेट करने की कोशिश है. 
एसएसपी पौड़ी ने दिए FIR दर्ज करने के निर्देश
वहीं, मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने गंभीरता लेते हुए कोटद्वार कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को तुरंत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया. इसके बाद पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया और इस पूरे मामले में जांच शुरू कर दी है. इस पूरे संबंध में पुलिस की प्राथमिकता यह है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया और क्या किसी तरह की हिंसा को उकसाने का प्रयास किया गया है.
उत्तराखंड पुलिस द्वारा मामले में जांच शुरू होने के बाद आरोपी यूट्यूबर राजा उत्कर्ष आज एक बार फिर मीडिया के सामने आया. और उसने कहा कि दीपक कुमार द्वारा हिंदू-मुस्लिम के नाम पर समाज में वैमनस्य फैलाया जा रहा है, जिससे वे आक्रोशित हो गए थे, दीपक सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. इसी गुस्से में मैंने थप्पड़ मारने वाले को इनाम देने की बात कह दी. उत्कर्ष ने आगे कहा कि उन्हें यह भी आपत्तिजनक लगा कि दीपक ने अपने नाम के साथ 'एमडी' जोड़ रखा है, जिसे उन्होंने धार्मिक भावना से जोड़कर देखा.
जान से मारने की धमकी नहीं दी - राजा उत्कर्ष
जब उनसे पूछा गया कि उनके खिलाफ उत्तराखंड में FIR दर्ज हो चुकी है, तो उन्होंने इस संबंध में राजा उत्कर्ष ने कहा, मैंने किसी को मारने की धमकी नहीं दी थी. केवल थप्पड़ मारने वाले को इनाम देने की घोषणा की थी. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे संपर्क कर एक वीडियो बयान बनवाया था. बाद में प्रशासन की सलाह पर उन्होंने विवादित वीडियो हटा दिया.
दीपक के समर्थन में वीडियो बनाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि ऐसा कोई वीडियो उन्होंने अलग से नहीं बनाया है. जो वीडियो वायरल है, वो पुलिस द्वारा बनवाया गया वीडियो है, जिसे उत्तराखंड पुलिस ने ही सोशल मीडिया पर पोस्ट किया.
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट को लेकर बढ़ी निगरानी
घटना के बाद उत्तराखंड और बिहार पुलिस दोनों सोशल मीडिया पर भड़काऊ, सांप्रदायिक या हिंसा भड़काने वाली सामग्री पर नजर रखे हुए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है.
मामले की जांच जारी, गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं
क्योंकि वीडियो में इनाम की घोषणा सार्वजनिक रूप से की गई थी, इसलिए पुलिस इसे उकसावे और धमकी के एंगल से भी देख रही है. जांच अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर राजा उत्कर्ष को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है और आरोप गंभीर पाए जाने पर गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता. मामले से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पुलिस की टीमें दोनों राज्यों में सक्रिय हैं.
रिपोर्ट- प्रतिक सिंह









