मछली से लेकर मोती तक..., हजारीबाग में कमाई का नया रास्ता खोल रही सरकार
हजारीबाग को मोती की खेती के क्षेत्र में झारखंड का आदर्श जिला बनाने की तैयारी है।


Ranchi/Hazaribagh: हजारीबाग को मोती की खेती के क्षेत्र में झारखंड का आदर्श जिला बनाने की तैयारी है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मंगलवार को नगवा और चुरचू गांव पहुंचकर मत्स्य विभाग की योजनाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने योजना के लाभुकों से सीधे बातचीत की और उनकी आमदनी, रोजगार और सामने आ रही परेशानियों के बारे में जानकारी ली।
मंत्री ने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की असली सफलता कागजों में नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में दिखने वाले बदलाव से तय होती है। सरकार की कोशिश है कि योजनाओं का फायदा किसानों, युवाओं और ग्रामीण परिवारों तक सही तरीके से पहुंचे।
बायोफ्लॉक से गांव में ही रोजगार का मौका
मंत्री ने बायोफ्लॉक योजना के लाभुकों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण इलाकों में युवाओं के लिए रोजगार और कमाई का अच्छा जरिया बन सकता है।
विभाग के अनुसार, 25 बायोफ्लॉक टैंक की एक यूनिट तैयार करने में करीब 25 लाख रुपये की लागत आती है। इस पर सरकार की ओर से 60 फीसदी तक अनुदान का प्रावधान है। योजना से जुड़कर युवा अपने गांव में ही मछली पालन को कारोबार के तौर पर अपना रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और रुचि को देखते हुए यह उम्मीद बढ़ी है कि सही सरकारी सहयोग और तकनीकी मदद से गांवों में ही रोजगार के बेहतर मौके तैयार किए जा सकते हैं।
पर्ल क्लस्टर से किसानों को कमाई का नया रास्ता
हजारीबाग में विकसित हो रहा पर्ल क्लस्टर भी निरीक्षण का खास हिस्सा रहा। मोती की खेती के जरिए किसान खेती और पारंपरिक मत्स्य गतिविधियों के साथ अपनी कमाई का एक और जरिया तैयार कर रहे हैं।
सरकार की ओर से मोती की खेती के लिए प्रति यूनिट 16 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। मंत्री ने कहा कि हजारीबाग में मोती की खेती की संभावनाओं को देखते हुए इसे और बड़े स्तर पर विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके लिए किसानों को बेहतर तकनीक, ट्रेनिंग, बाजार से जोड़ने और जरूरी सहयोग देने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
"सिर्फ योजना नहीं, किसानों की आय बढ़ाना लक्ष्य"
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ योजनाओं का विस्तार करना नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक रोजगार के मौके तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि हजारीबाग को मोती की खेती के क्षेत्र में झारखंड का मॉडल जिला बनाने के लिए ठोस पहल की जाएगी। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की नियमित ग्राउंड लेवल समीक्षा करने और लाभुकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश दिया गया।
मंत्री ने कहा कि किसान, युवा और ग्रामीण उद्यमी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और सरकारी योजनाओं का फोकस इन्हीं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

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