दीवारों में दरारें, टपकती छत..., हादसे के डर में नौनिहाल!, खूंटी के झपरा आंगनबाड़ी केंद्र की हालत जर्जर
खूंटी जिले के झपरा गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति ने स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।


Khunti: खूंटी जिले के झपरा गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति ने स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्र के भवन की दीवारों और छत में कई जगहों पर गहरी दरारें आ चुकी हैं। भवन की इस खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने यहां आने वाले मासूम बच्चों की जान और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
लंबे समय से मरम्मत की दरकार, बारिश में बढ़ जाता है खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी भवन काफी समय से जर्जर हालत में है और इसे तुरंत मरम्मत की जरूरत है, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और सीलन के कारण स्थिति और भी बदतर हो जाती है। ऐसे में केंद्र में रोज आने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ किसी भी अनहोनी या हादसे के डर से माता-पिता हमेशा घबराए रहते हैं।
शुरुआती शिक्षा और देखभाल के लिए सुरक्षित भवन बेहद जरूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों की सही देखभाल, पोषण और शुरुआती पढ़ाई का मुख्य केंद्र होता है। इसलिए इस भवन का पूरी तरह सुरक्षित, मजबूत और सुविधायुक्त होना बेहद जरूरी है। इतने जर्जर और कमजोर भवन में बच्चों को बैठाना कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकता है।
हादसे का इंतजार किए बिना तुरंत हो कार्रवाई, नए भवन की मांग
ग्रामीणों ने समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि अधिकारी फौरन मौके पर पहुंचकर आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का मुआयना करें। अगर मरम्मत से बात बन सकती है तो जल्द काम शुरू कराया जाए, अन्यथा जर्जर ढांचे को हटाकर नए भवन का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि प्रशासन को किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय समय रहते ठोस फैसला लेना चाहिए ताकि बच्चों की सुरक्षा पक्की हो सके।

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