AK-47 से दिनदहाड़े छलनी हुए थे पूर्व मेयर... उस केस में कोर्ट का चौंकाने वाला फैसला
जिस हत्याकांड ने कभी पूरे बिहार को झकझोर दिया था, उसी केस में अब अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती...


मुजफ्फरपुर: बिहार के चर्चित पूर्व मेयर समीर कुमार डबल मर्डर केस में अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 8 साल पुराने इस हाई प्रोफाइल मामले में कोर्ट ने सबूत के अभाव में 6 आरोपियों को बरी कर दिया है। यह वही मामला है जिसे 2018 में पूरे बिहार को हिला कर रख दिया था।
23 सितंबर 2018 को मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के नवाब रोड स्थित होटल के पास बाइक सवार बदमाशों ने पूर्व में समीर कुमार और उनके ड्राइवर रोहित कुमार पर एक-47 से फायरिंग कर दी थी। हमला इतना भयावर था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो जाती है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे राज्य के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
मछली मंडी विवाद बना हत्या की वजह
आपको बताते चले कि यह पूरा मामला मछली मंडी पर कब्जे के विवाद से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग चरणों में चार्ट सेट दाखिल की और लगभग एक दर्जन लोगों को आरोपी बनाया गया था। पहली चार्जशीट में मृत्युंजय कुमार सिंह उर्फ पिंटू सिंह, रंजय ओंकार, सुशील छापड़िया, नवीन कुमार, सुजीत कुमार और श्याम नंदन मिश्रा को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया।
दूसरी चार्जशीट में अब कई नाम
इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड की दूसरी चार्जशीट में शंभू सिंह, मंटू शर्मा और राजू तुरहा समेत अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल हैं। इन आरोपियों के खिलाफ मामला अभी भी न्यायिक प्रक्रिया में है। आश्चर्य करने वाली बात ये है कि इस मछली मंडी विवाद से जुड़े आशुतोष शाही, जो इस केस में आरोपी रह चुके थे, उनकी भी हत्या हो चुकी है। अब इस मामले में सभी की नजर दूसरी चार्जशीट के आरोपियों पर चल रही कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
मुजफ्फरपुर से गोविंद कुमार की रिपोर्ट

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