डॉ अजीत कुमार के LIC खाते से हुई फर्जी निकासी, एजेंट ने 40 हजार उड़ाए
LIC की बड़ी लापरवाही ,सदर अस्पताल रांची में पदस्थापित सर्जन डॉक्टर अजीत कुमार के LIC के पैसे को दूसरे किसी अजीत कुमार ने फर्जी तरीके से निकाल लिया। मामला कोविड के दूसरे फेज के समय का है ।

Jharkhand (Ranchi): रांची में एलआईसी बांड से जुड़ा एक चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक सर्जन डॉक्टर के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति ने फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये हड़प लिए। जानकारी के अनुसार, डॉक्टर अजीत ने दिसंबर 2009 में एलआईसी के दो बांड 20-20 हजार रुपये के खरीदे थे, जिनकी मैच्योरिटी दिसंबर 2019 में पूरी हो गई थी। कोविड-19 महामारी के दौरान सदर अस्पताल के कोविड वार्ड में तैनाती के कारण अत्यधिक कार्यभार में व्यस्त रहने के चलते डॉक्टर अजीत इस बांड की मैच्योरिटी पर ध्यान नहीं दे सके। आरोप है कि उनके एलआईसी एजेंट उदय कुमार सिंह ने भी उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं दी। हाल ही में जब डॉक्टर अजीत ने बांड क्लेम के लिए संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि वर्ष 2020 में ही राशि का भुगतान किया जा चुका है। गहन जांच में सामने आया कि शिवाजी नगर बूटी मोड़ क्षेत्र में रहने वाले एक अन्य अजीत कुमार ने बांड पेपर गुम होने का शपथ पत्र (एफिडेविट) देकर फर्जी तरीके से राशि अपने एसबीआई खाते में ट्रांसफर करा ली। इस मामले में एलआईसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने खाते की ठीक से जांच नहीं की और न ही क्लेम करने वाले व्यक्ति के आधार, पैन या अन्य वैध दस्तावेजों का सत्यापन किया। साथ ही, असली पॉलिसीधारक को किसी प्रकार की सूचना या संपर्क भी नहीं किया गया। डॉक्टर अजीत ने इस पूरे प्रकरण में एलआईसी एजेंट और कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत की आशंका जताई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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