भार्गव सिंह हत्या कांड मामले में सूटर सत्यम पाठक का एनकाउंटर, दोनों पैरों में लगी थी गोली, चल रहा इलाज
सीसीटीवी और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर सत्यम पाठक का नाम आया सामने, जिसके बाद पुलिस ने हथियार और 8 जिंदा खोखा डैम के समीप से बरामद किया. पुलिस एनकाउंटर में आरोपी के पैर में दो गोली लगी थी. जिसका इलाज रिम्स में जारी है.

Ranchi/Jharkhand: रांची के पंडरा ओपी इलाके में भार्गव सिंह हत्याकांड मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें एक कुख्यात शूटर भी शामिल है।
21 अप्रैल को भार्गव सिंह की गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। मौत से पहले भार्गव ने विजय टेटे पर हत्या कराने का आरोप लगाया था। जिसके बाद मामले में विजय टेटे को गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद मामले में सत्यम पाठक का नाम आया सामने।
सीसीटीवी और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर सत्यम पाठक का नाम आया सामने। वही ये भी जानकारी मिली कि शूटर बक्सर भागने की फिराक में था। हालांकि पुलिस ने बीआईटी ओपी के नेवरी से सत्यम पाठक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद सत्यम ने हथियार छिपा कर रखने की बात कही थी।
जिसके बाद पुलिस ने हथियार और 8 जिंदा खोखा डैम के समीप से बरामद किया। इसी दरम्यान आरोपी एएसआई से हथियार छिन पुलिस कर दो राउंड फायरिंग भी की गई। सत्यम पाठक जमीन के खेल में शामिल होना चाहता था, भार्गव सिंह से इसे लेकर ही विवाद था। जिस कारण ही सत्यम पाठक और विजय टेटे ने मिलकर ये साजिश रची थी।
पुलिस द्वारा साझा की गयी जानकारी के अनुसार–
सत्यम पाठक 2012 से ही एक्टिव है।
पंडरा ओपी इलाके से आर्म्स एक्ट में वो पहली बार वर्ष 2012 को अंजाम दिया गया था।
अरगोड़ा में भी आर्म्स एक्ट में जेल जा चुका है, शक्ति सिंह की हत्या में शामिल था।
2024 में पार्षद वेद प्रकाश सिंह की हत्या में भी शामिल था।
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