गिरिडीह में दिव्यांग मोची के बेटे का झारखंड पुलिस की सिपाही में चयन, पिता ने कहा- परिवार का सपना बेटे ने किया साकार
गिरिडीह में दूसरों के जूता-चप्पल पॉलिश करने वाले एक मोची के बेटे ने नई मिशाल पेश की है. लगातार पांच सालों तक कड़ी लगन से मेहनत की. और अब झारखंड पुलिस में सिपाही बहाली में चयन हो गया है.

Giridih (Jharkhand): पांव से दिव्यांग जूता चप्पल पॉलिश करने वाला एक मोची, जिसकी कमाई हर रोज मुश्किल से सौ से डेढ़ सौ रुपए हो. और उसी परिवार का सदस्य मेहनत कर सरकारी नौकरी हासिल करें. तो उस परिवार की खुशी का ठिकाना देखने लायक होती है. खबर गिरिडीह जिले के सरिया स्थित बड़की सरिया के बारा टोला की है जहां एक मोची के बेटे की झारखंड पुलिस में चयन हो गया है.
बारा टोला निवासी और पेशे से सरिया के रेलवे फाटक के समीप हर मौसम में लोगों के जूते चप्पल सिलाई और पॉलिश करने वाले प्रसादी दास का छोटा बेटा रोहित दास ने एक नई मुकाम हासिल कर ली है. उसने लगातार पांच सालों तक कड़ी लगन से मेहनत की. और अब झारखंड पुलिस में सिपाही बहाली में चयन हो गया है. 
मंगलवार की शाम जब रोहित दास घर पहुंचा, तो पिता प्रसादी दास समेत परिवार के खुशियों का ठिकाना नहीं रहा. हालांकि रोहित ने अपने इस सफलता का क्रेडिट अपनी छोटी बहन रीता देवी को दिया. और कहा कि वह तीन माह के ट्रेनिंग के बाद घर लौटा है. लेकिन उसकी छोटी बहन ने हर मुश्किल समय में उसका हिम्मत बढ़ाया. 
इस दौरान रोहित के घर आने के बाद मुहल्ले वालों का उत्साह दिखा. लिहाजा, पूरे गर्मजोशी के साथ रोहित का स्वागत मुहल्ले वालों ने भी किया. वहीं, मां पार्वती देवी और पिता प्रसादी दास ने बेटे की आरती उतारी.
रिपोर्ट- मनोज कुमार पिंटू/ संतोष तरवे
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

उत्पाद सिपाही भर्ती पेपर लीक केस में 165 आरोपियों की जमानत पर सुनवाई, JSSC से रिपोर्ट तलब

चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात







