मुसाबनी में CM हेमंत सोरेन के दिए इस बयान पर राज्य की सियासत गरमायी, बीजेपी ने किया पलटवार
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुसाबनी में चुनावी जनसभा को संबोधित किया, इस दौरान उन्होंने बीजेपी को व्यापारियों का जमात कहकर इंगित किया था और जरूरत पड़ने पर पैर और गर्दन पकड़ने की बात कही थी. अब इस बयान पर अब राज्य की सियासी तेज हो गई.

Politics: घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने चुनावी प्रचार-प्रसार तेज कर दी है. सोमवार (3 नवंबर 2025) को मुसाबनी में JMM प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन के समर्थन में पार्टी के सबसे बड़े स्टार प्रचारक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भव्य चुनावी सभा को संबोधित किया. इस दौरान सीएम ने बीजेपी को व्यापारियों का जमात कहा. आगे सीएम ने कहा कि ''ये लोग आदिवासी, दलित, पिछड़ा को लगातार पीछे धकेलने में लगे हैं. ये कुछ देने वाले नहीं, लेने वाले लोग हैं जब इन्हें जरूरत पड़ेगी ये आपका पैर पकड़ लेंगे और जब काम निकल जाएगा तो सीधा आपकी गर्दन पकड़ लेंगे.''
व्यापारियों को गालियां देकर अपमानित करने का काम किया- आदित्य साहू
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस बयान पर अब राज्य में सियासत गर्म हो गई है. बीजेपी के नेताओं ने उनके इस बयान का पलटवार किया है. झारखंड बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि सीएम हेमंत ने व्यापारियों के खिलाफ अनर्गल बयान दिए हैं उन्होंने कहा कि व्यापारियों को हेमंत सोरेन ने गालियां देकर उन्हें अपमानित करने का काम किया है. कि व्यापारी पहले पैर पकड़ते हैं उसके बाद गर्दन पकड़ने का काम करते हैं सीएम का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं.
आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सत्ता के अहंकार में डूबे हुए है. व्यापारियों की आबादी अपनी कड़ी मेहनत के बल पर रात दिन अपने कठोर परिश्रम करते हुए जनता की सेवा करने का काम करते हैं वैसे लोगों को हेमंत सोरेन बार-बार गालियां देते हैं और चिढ़ाने का काम करते हैं. हेमंत सोरेने को चेतावनी है कि आपको यह अधिकार किसी ने नहीं दिया है कि आप व्यापारियों को अपमानित करने का काम करें.
'मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि...'
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सीएम के बयानों का पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की एक बात से सहमत है कि झारखंड को लगातार व्यापारियों द्वारा लूटा जा रहा है. वैसे व्यापारी जो समय आने पर पैर पकड़ लेते हैं और जनता का गला पकड़ लेते हैं. लेकिन मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि कोयला और बालू लूटने वाले लोग कौन हैं. 6 वर्षों में जिन व्यापारियों ने झारखंड में लूट की है बताया जाता है कि उनकी तो मुख्यमंत्री से भी संबंध रहा है.
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