कोडरमा पहुंचे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, व्यवहार न्यायालय का किया निरीक्षण, वकीलों की सुनीं समस्याएं
झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश सोनक ने कोडरमा व्यवहार न्यायालय का निरीक्षण कर न्यायिक व्यवस्था का जायजा लिया। वकीलों ने पुलिस लापरवाही और नए बार भवन की मांग रखी।

Koderma News ; झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक शनिवार को कोडरमा व्यवहार न्यायालय पहुंचे। उन्होंने पूरे न्यायालय परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और जिले की न्यायिक व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग कोर्ट रूम्स और दफ्तरों का दौरा करने के साथ-साथ जिला अधिवक्ता संघ के सदस्यों से मुलाकात की और उनकी परेशानियों को गंभीरता से सुना। कोर्ट के निरीक्षण के बाद मुख्य न्यायाधीश तिलैया डैम भी गए, जहां उन्होंने वहां की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को देखा। मुख्य न्यायाधीश के दौरे को देखते हुए पूरे जिले और कोर्ट परिसर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे।
सांस्कृतिक नृत्य और पारंपरिक अंदाज में हुआ स्वागत
कोडरमा पहुंचने पर मुख्य न्यायाधीश का पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और संगीत के साथ जोरदार स्वागत किया गया। हॉली फैमिली स्कूल की छात्राओं ने इस मौके पर एक से बढ़कर एक मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य पेश किया। इसके बाद जिला अधिवक्ता संघ की ओर से उन्हें बुके भेंट कर और सम्मानित कर उनका अभिनंदन किया गया। इस दौरान न्यायिक सेवा से जुड़े तमाम बड़े अधिकारी, प्रशासनिक पदाधिकारी और वकील बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
पुलिस की लापरवाही और नए बार भवन की उठी मांग
अधिवक्ता संघ के साथ हुई अहम बैठक में वकील अरुण कुमार मिश्रा समेत कई अन्य अधिवक्ताओं ने कोडरमा बार और बेंच से जुड़ी जमीनी समस्याओं को चीफ जस्टिस के सामने रखा। वकीलों ने बताया कि अदालती आदेशों के पालन में पुलिस प्रशासन अक्सर लापरवाही बरतता है और समय पर वारंट की तामिला न होने से मुकदमों के निपटारे में काफी देरी होती है। इसके अलावा वकीलों ने सीओ और एसडीओ स्तर पर धारा 144 सीआरपीसी और धारा 163 बीएनएसएस के अमल में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों की ओर ध्यान खींचा। साथ ही बढ़ती भीड़ को देखते हुए वकीलों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस नए बार भवन के निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
चीफ जस्टिस ने दिया आश्वासन, अधिकारियों की रही मौजूदगी
मुख्य न्यायाधीश ने वकीलों की तमाम समस्याओं को बेहद ध्यान से सुना और उनका जल्द से जल्द समाधान निकालने का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाकांत मिश्रा, रजिस्ट्रार विकास कुमार भगत, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार और सरकारी अधिवक्ता तारकेश्वर प्रसाद समेत कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। कोर्ट का काम पूरा करने के बाद मुख्य न्यायाधीश तिलैया डैम पहुंचे, जहां उन्होंने प्राकृतिक वादियों का आनंद लिया और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
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