खूनी घाटी में कोहराम ! कंटेनर पलटने से टकराए आधा दर्जन हाइवा; एक की मौत, चतरा-गया मार्ग घंटों से जाम
शुक्रवार की अहले सुबह एक अनियंत्रित कंटेनर क्या पलटा, पीछे से आ रहे आधा दर्जन हाइवा ट्रक ताश के पत्तों की तरह एक-दूसरे से भिड़ गए. इस भीषण श्रृंखलाबद्ध दुर्घटना ने एक व्यक्ति की जान ले ली.

Chatra (Jharkhand): झारखंड के चतरा जिले की संघरी घाटी आज सुबह रणक्षेत्र में तब्दील हो गई. दरअसल, यहां एक भीषण सड़क हादसा हुआ. यह पूरा मामाल जिले के आजोरी थाना इलाके स्थित संघरी घाटी का है. जानकारी के अनुसार, घाटी में आज यानी शुक्रवार (13 मार्च 2026) की अहले सुबह एक अनियंत्रित कंटेनर पलटा. इस दौरान पीछे से आ रहे करीब आधा दर्जन हाइवा और ट्रक भी ताश के पत्तों की तरह एक-दूसरे से भिड़ गए. इस भीषण दुर्घटना ने एक व्यक्ति की जान चली गई. वहीं हादसे के बाद चतरा-गया मुख्य मार्ग पर 1 किलोमीटर लंबा जाम लगा गया.
वहीं, अब यह मामला सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं है, इसकी गूंज अब झारखंड विधानसभा के सदन में सुनाई देगी. बताया जा रहा है कि यह घटना शुक्रवार सुबह की है, जब संघरी घाटी के एक अंधे मोड़ पर कंटेनर असंतुलित होकर पलट गया. रफ्तार इतनी तेज थी कि पीछे से आ रहे भारी वाहनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते आधा दर्जन गाड़ियां आपस में टकराकर क्षतिग्रस्त हो गईं. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है, जिसका शव फिलहाल पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है. मृतक की पहचान की कोशिश की जा रही है.
हादसे के तुरंत बाद चतरा-गया मुख्य मार्ग पर चक्का जाम हो गया. यात्रियों से भरी बसें, एम्बुलेंस और छोटी गाड़ियां घंटों तक फंसी रहीं. जोरी थाना पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम शुरू किया है, लेकिन घाटी की भौगोलिक स्थिति के कारण यातायात बहाल करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है.
MLA जनार्दन पासवान ने लिया संज्ञान, आज विधानसभा में संघरी घाटी का उठाएंगे मुद्दा
संघरी घाटी में आए दिन होने वाली इन मौतों पर अब लोजपा विधायक जनार्दन पासवान ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह घाटी 'किलर जोन' बन गई है. विधायक पासवान आज विधानसभा के सत्र में इस मुद्दे को उठाएंगे और सरकार से मांग करेंगे कि घाटी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं.
मोड़ को चौड़ा किया जाए और भारी वाहनों की गति पर लगाम लगाने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं.स्थानीय लोगों का आक्रोश चरम पर है. उनका कहना है कि जब तक प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाएगा, निर्दोषों की जान ऐसे ही जाती रहेगी. अब देखना होगा कि विधायक की पहल के बाद क्या संघरी घाटी का यह 'खूनी' मोड़ सुरक्षित हो पाता है या नहीं.
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