अलार्म चेन खींचते ही पकड़ा गया! देखिए आगे क्या क्या हुआ..
सोनपुर मंडल में अगस्त 2026 के दौरान ट्रेन की बेवजह चेन पुलिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान 123 मामले दर्ज हुए, 119 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 55,550 रुपये जुर्माना वसूला गया.


सोनपुर: ट्रेन में बिना किसी उचित कारण अलार्म चेन खींचकर गाड़ी रोकने वालों के खिलाफ रेलवे ने कार्रवाई तेज कर दी है. सोनपुर मंडल में अगस्त 2026 के दौरान चलाए गए विशेष अभियान में चेन पुलिंग के 123 मामले दर्ज किए गए. इनमें 119 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दोषियों से कुल 55,550 रुपये जुर्माना वसूला गया.
रेलवे के मुताबिक, बिना वजह अलार्म चेन खींचने से सिर्फ संबंधित ट्रेन ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि उसी रेलखंड पर पीछे से आने वाली अन्य ट्रेनों का परिचालन भी बिगड़ सकता है. इससे ट्रेनों के समय पर चलने में परेशानी होती है और यात्रियों को भी अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता है.
अगस्त में 123 मामले, 119 लोगों पर कार्रवाई
सोनपुर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल की ओर से अलग-अलग रेलखंडों और स्टेशनों पर अलार्म चेन पुलिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत 123 मामले दर्ज किए गए.
अभियान के दौरान 119 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई. वहीं, दोषी पाए गए लोगों से कुल 55,550 रुपये जुर्माना वसूला गया. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चेन पुलिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ट्रेनों और स्टेशनों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी.
आखिर कब चेन खींचना माना जाता है अपराध?
ट्रेन में लगी अलार्म चेन का उद्देश्य आपात स्थिति में ट्रेन को रोकना है. किसी यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने, आग लगने या किसी अन्य गंभीर आपात स्थिति में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन बिना उचित और वैध कारण के चेन खींचना दंडनीय है.
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत बिना उचित कारण अलार्म चेन या संचार साधन का इस्तेमाल कर ट्रेन को रोकने या उसकी गति कम करने पर कार्रवाई का प्रावधान है. ऐसे मामलों में रेलवे की ओर से केस दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.
एक की गलती से कई ट्रेनों पर असर
बेवजह चेन पुलिंग होने पर ट्रेन को अचानक रोकना पड़ता है. इससे ट्रेन अपने निर्धारित समय से पीछे हो सकती है. खास बात यह है कि इसका असर केवल उसी ट्रेन तक सीमित नहीं रहता. उसी रूट पर पीछे चल रही ट्रेनों को भी अपनी गति कम करनी पड़ सकती है या उन्हें रोकना पड़ सकता है.
यही वजह है कि रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि सिर्फ वास्तविक आपात स्थिति में ही अलार्म चेन का इस्तेमाल करें. मनोरंजन, जल्दबाजी या किसी अन्य गैर-जरूरी वजह से चेन खींचने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
आगे भी जारी रहेगा रेलवे का अभियान
सोनपुर मंडल में आरपीएफ और संबंधित विभागों की ओर से चेन पुलिंग की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है. प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों में निगरानी बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों की जांच भी की जा रही है.
रेलवे का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षित और सुचारू यात्रा सुनिश्चित करना तथा ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन को बनाए रखना है. अधिकारियों के अनुसार, बिना उचित कारण चेन पुलिंग करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.

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