मलबे के अंदर से आ रही छात्रों की कॉल! सत्य निकेतन में इमारत गिरने से हड़कंप
दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद मलबे में छात्रों समेत कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने दावा किया कि मलबे के अंदर से छात्रों के फोन आ रहे हैं।


नई दिल्ली: दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद हड़कंप मच गया। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी है। NDRF की टीम डॉग स्क्वॉड के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही है।
घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने हादसे को बेहद हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों और शहरों से छात्र पढ़ाई के लिए यहां आते हैं और इस इमारत में पीजी में रह रहे थे।
विधायक बोले- मलबे के अंदर से आ रही हैं छात्रों की कॉल
अनिल शर्मा ने बताया कि कुछ छात्रों के मलबे के अंदर से फोन आने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अंदर कितने लोग फंसे हैं। संख्या पांच, 10 या 20 भी हो सकती है, लेकिन छात्रों के फंसे होने की आशंका गंभीर है।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरी टीम घटनास्थल पर भेजी है और सरकार की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और बचाव दल पूरी गंभीरता के साथ अभियान में जुटे हैं।
NDRF और डॉग स्क्वॉड से तलाश, छात्रों के रेस्क्यू का दावा
मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए NDRF की टीम डॉग स्क्वॉड की मदद ले रही है। जेसीबी, फायर ब्रिगेड और अन्य राहत दल भी मौके पर मौजूद हैं। बचावकर्मी मलबे को सावधानी से हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
इसी बीच डूसू अध्यक्ष आर्यन मान ने दावा किया कि करीब 10 से 15 छात्रों को अब तक सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। उनके मुताबिक कुछ छात्र अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं और बचाव दल लगातार उनके संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे हैं। रेस्क्यू किए गए छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने की बात भी कही गई है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी मलबे के नीचे फंसे लोगों की कुल संख्या या घायलों की स्थिति को लेकर स्पष्ट आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। ऐसे में रेस्क्यू पूरा होने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
आतिशी ने मांगी उच्चस्तरीय जांच, CM रेखा गुप्ता ने दिया भरोसा
हादसे पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने दुख जताते हुए राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मलबे में छात्रों समेत कई लोगों के दबे होने की आशंका चिंताजनक है। आतिशी ने घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारत को भी एहतियातन खाली करा लिया है, ताकि किसी और तरह का नुकसान न हो। फिलहाल सभी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर है और बचाव दल की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

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