Girdih Deputy Mayor का पद भाजपा चाहती है अपने पाले में लेना, JMM की नजर अल्पसंख्यक दावेदार पर, किसके दावे में है सच्चाई !
डिप्टी मेयर पद पर भाजपा अपना उम्मीदवार बिठाना चाहती है. ऐसा जेएमएम का आकलन कहता है. वहीं भाजपा ने इस बात को नकार दिया है. वहीं जेएमएम के लिए कहा जा रहा है कि वह अल्पसंख्यक तबके से अपना उम्मीदवार इस पद पर उतारना चाह रही है.

Jharkhand (Giridih): निकाय चुनाव होने के बाद अब बारी गिरिडीह में उप मेयर के चुनाव की है. डिप्टी मेयर के चुनाव की तारीख 16 मार्च तय कर दी गई है. प्रमंडलीय आयुक्त इसी दिन शपथ ग्रहण भी कराने वाले हैं. इसी दिन 36 वार्ड पार्षदों में से एक डिप्टी मेयर चुन लिया जाएगा.
लिहाजा, गिरिडीह जिला प्रशासन डिप्टी मेयर चुनाव की तैयारी में जुटने के साथ चुनाव से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. खास तौर पर खरीद-फरोख्त को लेकर प्रशासन चिंतित है. जिसे हॉर्स ट्रेडिंग का नाम भी दिया जाता है. दावा है कि डीसी रामनिवास यादव खुद गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं. क्योंकि निकाय चुनाव में कई नामचीन हस्तियों ने वार्ड पार्षद का चुनाव जीता है. ऐसे में खरीद फरोख्त से इंकार नहीं किया जा सकता.
सूत्रों की माने तो डिप्टी मेयर के लिए बहुमत जुटाना कई दावेदारों के लिए मुश्किल नहीं है. जानकारी के अनुसार झामुमो का पूरा प्रयास इसी ओर है कि किसी तरह डिप्टी मेयर का पद भाजपा के पाले में जाने से रोका जा सके. जबकि भाजपा से सिर्फ दो ही दावेदार फिलहाल मैदान में हैं और दोनों ही ओबीसी तबके से आते हैं.
वहीं गिरिडीह भाजपा इस बात से नकारती नजर आ रही है, कि डिप्टी मेयर के पद पर भाजपा की नजर है. मतलब साफ है कि दोनों दावेदारों को अपने बलबूते ही इस पद को हासिल करना होगा, जो कि बेहद जोखिम भरा है. वहीं झामुमो से भी डिप्टी मेयर की रेस में कई दावेदार हैं. इनमें से एक मोहम्मद इस्तियाक उर्फ लालो, नीलम झा, वार्ड 16 के वार्ड पार्षद के साथ सैफ अली गुड्डू की पत्नी और रूमी बुलंद अख्तर का नाम शामिल है. झामुमो से एक अगड़ी जाति, तो एक ओबीसी से और तीन अल्पसंख्यक वर्ग से दावेदार हैं.
जबकि निकाय चुनाव में 36 वार्ड पार्षदों में मुस्लिम पार्षदों की संख्या भी काफी अधिक है. पचम्बा से जीत दर्ज करने वाले वार्ड पार्षद लालो फिलहाल डिप्टी मेयर की रेस में मुस्लिम पार्षदों की पसंद में सबसे आगे हैं. लेकिन झामुमो की जिला कमेटी लालो को लेकर एकमत नहीं है. ऐसे में झामुमो और नगर विकास मंत्री के लिए यह चुनौती बन जाती है कि संख्या आधार के बल पर किसी मुस्लिम पार्षद दावेदार की लॉबिंग करे, या अगड़ी जाति से सिर्फ एक दावेदार नीलम झा को डिप्टी मेयर के लिए बहुमत जुटा लिया जाए.
परेशानी झामुमो के लिए सबसे बड़ी है कि अगर वो अल्पसंख्यक वर्ग से डिप्टी मेयर बनाते हैं तो उन्हें ओबीसी और अगड़ी जाति की भारी नारागजी उठानी पड़ सकती है.
कैसे होता है डिप्टी मेयर का चुनाव
डिप्टी मेयर (उपमहापौर) का चुनाव आमतौर पर अप्रत्यक्ष तरीके से होता है, जिसमें निर्वाचित पार्षद (Councillors) अपने बीच में से ही एक सदस्य को चुनते हैं. यह चुनाव नगर निगम की पहली बैठक या वार्षिक सत्र में होता है, जहाँ पार्षद रोटेशन या बहुमत के आधार पर डिप्टी मेयर का चयन करते हैं.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

गिरिडीह में माले नेताओं का पुलिस के विरुद्ध प्रदर्शन, सरिया हत्याकांड मामले में फरार मुखिया की जल्द गिरफ्तारी की मांग

मिरुडीह में अवैध अंग्रेजी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में नकली शराब बरामद






