JPSC और CGL धांधली के खिलाफ सड़क पर उतरी भाजपा, हजारीबाग में रघुवर दास की अगुवाई में निकली विशाल पदयात्रा
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी तथा आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर भाजपा ने चार दिनों का राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है।
Ranchi: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी तथा आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर भाजपा ने चार दिनों का राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के पहले दिन हजारीबाग में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में भव्य पदयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। पदयात्रा के बाद आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोला।
बिना अफसरों की मिलीभगत से अभय तिवारी जैसे लोग करोड़पति नहीं बन सकते
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा हर कदम पर छात्रों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों के साथ खड़ी रहेगी। रघुवर दास ने कहा कि सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी दिखावा भर है, सरकार को जनता के सामने यह सच लाना चाहिए कि अभय तिवारी जैसे लोग अचानक करोड़पति कैसे बन गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना बड़े सरकारी अफसरों और सत्ता के संरक्षण के इतना बड़ा खेल मुमकिन नहीं था।
छात्रों पर मुकदमों को लेकर राहुल गांधी की चुप्पी पर उठाए तीखे सवाल
रघुवर दास ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि जायज मांगों को लेकर सड़क पर उतरे निर्दोष छात्रों को डराया-धमकाया जा रहा है और उन पर झूठी एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड के अलग-अलग जिलों में प्रतियोगी छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज हुआ और संगीन धाराओं में केस दर्ज किए गए, लेकिन इस पूरे दमन पर राहुल गांधी ने एक शब्द तक नहीं बोला।
डीसी कार्यालय पर दिया धरना, दो सूत्री मांगों का सौंपा ज्ञापन
सभा और विरोध प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर डीसी को दो सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा और कार्यालय के बाहर जोरदार धरना दिया। पार्टी ने साफ मांग रखी है कि छात्र आंदोलन के दौरान 300 से अधिक छात्रों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं और JSSC-CGL पेपर लीक मामले की जांच सीआईडी से छीनकर सीबीआई को सौंपी जाए, ताकि पूरी निष्पक्षता से दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं साझा कीं, जिस पर सकारात्मक चर्चा हुई।
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