Bihar (East Champaran): पूर्वी चंपारण में चर्चित 'Agni App' साइबर ठगी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के आरोप में मुख्य आरोपी और खुद को ऐप का सीईओ बताने वाला संगम कुमार को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है.
मामला इसी साल 23 जनवरी को सामने आया था, जब रक्सौल निवासी अभिषेक कुमार शर्मा ने साइबर थाना में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि संगम कुमार और उसके सहयोगियों ने ‘Agni App’ के माध्यम से मोबाइल रिचार्ज, इलेक्ट्रिक बिल भुगतान और आकर्षक निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी की. इस मामले में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
कैसे रचा गया ठगी का जाल?
जांच में सामने आया कि आरोपी 'Agni App' के जरिए लुभावने विज्ञापन चलाकर दावा करते थे कि जो जितना अधिक निवेश करेगा, उसे उतना अधिक रिटर्न मिलेगा. ऐप के वॉलेट में पैसे जमा कराने के बाद शुरुआत में कुछ लाभ दिखाया जाता था, ताकि लोगों का भरोसा बढ़े.
जब बड़ी संख्या में लोगों ने अधिक राशि निवेश कर दी, तब अचानक ऐप को बंद कर दिया गया और आरोपी फरार हो गए. दर्जनों पीड़ितों से करोड़ों रुपये की ठगी की आशंका जताई जा रही है.
तकनीकी अनुसंधान से हरियाणा तक पहुंची पुलिस
तकनीकी अनुसंधान के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इस साइबर ठगी का मास्टरमाइंड संगम कुमार हरियाणा में छिपा हुआ है. इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक अभिनव परासर के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया. पुलिस उप-महानिरीक्षक के अनुमोदन के बाद टीम हरियाणा के फरीदाबाद रवाना हुई.
वहां से मुख्य अभियुक्त संगम कुमार (उम्र 38 वर्ष, पिता– रवि कल्याण, निवासी– पाली, थाना पाली करेशर जोन, जिला फरीदाबाद, हरियाणा) को गिरफ्तार कर लिया गया.
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जानकारी जुटा रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस ठगी नेटवर्क का विस्तार किन-किन राज्यों तक था.
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान ऐप लुभावनी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें, अन्यथा ऐसी ठगी का शिकार होना पड़ सकता है.









