सम्राट चौधरी कैबिनेट का बड़ा फैसला! इन 19 जिलों में बनेंगे नए विशेष न्यायालय
बिहार कैबिनेट के एक फैसले का असर अब राज्य के 19 जिलों में दिखाई देगा। सरकार का दावा है कि इससे न्याय मिलने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी।


पटना: बिहार सरकार ने न्यायिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत और प्रभावशाली बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सम्राट चौधरी कैबिनेट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम, 1989 के तहत लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्य के 19 जिलों में 19 अतिरिक्त अनन्य विशेष न्यायालय स्थापित करने की प्रस्ताव को मंजूरी देती है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से वर्षों से रुके हुए मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और पीड़ितों को समय रहते न्याय मिल सकेगा।
इन 19 जिलों में बनेंगे नए विशेष न्यायालय
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार पश्चिम चंपारण (बेतिया), मधुबनी, भोजपुर (आरा), सिवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर (भभुआ), कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद और लखीसराय में नए विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। इन अदालतों का उद्देश्य एससी एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले की सुनवाई को तेज करना और लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा सुनिश्चित करना होगा।
171 नए पदों को भी मिली मंजूरी
नई विशेष न्यायालय के कामकाज के लिए सरकार ने 171 अराजपत्रित पदों के सृजन को भी मंजूरी दे दी है। यह पद जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालयों में सृजित किए जाएंगे। राज्य सरकार का कहना है कि निर्णय न्यायिक व्यवस्था को अधिक जवाब दे प्रभावी और पीड़ित केंद्रित बनाने की दिशा मे उठाया गया एक महत्वपूर्ण पहल है।

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