निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका, कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज
निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को झारखंड हाईकोर्ट बड़ा झटका दिया है.कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत देने से साफ इनकार कर दिया है.

Ranchi / Jharkhand (Report By- Yashwant Kumar): पिछले 11 महीने से जेल में बंद निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही है, दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें बड़ा झटका दिया है. बता दें, कोर्ट ने विनय चौबै की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत देने से साफ इनकार कर दिया है.
यह पूरा मामला ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) की ओर से दर्ज कांड संख्या 11/2025 से जुड़ा हुआ है जिसमें उनपर आरोप है कि उनके हजारीबाग के DC (उपायुक्त) रहते हुए सेवायत भूमि की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री हुई थी. दरअसल, आपको बता दें, कोर्ट ने इस पूरे मामले में सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. वहीं आज, मंगलवार (28 अप्रैल 2026) को अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने विनय चौबे को बड़ा झटका दिया और जमानत देते से इनकार कर दिया.
मामले में आज झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत में सुनवाई हुई. जिसमें बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता आर.एस. मजूमदार ने कोर्ट में अपनी दलीलें पेश की, जबकि ACB की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित गड़ोदिया ने अपना पक्ष रखा, सुनवाई के दौरान सुमित गड़ोदिया ने अदालत में विनय चौबे की जमानत का जोरदार विरोध किया.
बता दें, इस मामले में विनय कुमार चौबे सहित कुल 73 लोगों को नामजद आरोपी हैं जिसमें कई प्रभावशाली नाम शामिल हैं इनमें विनय चौबे के करीबी विनय सिंह उनकी धर्म पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग जिला के विधायक प्रदीप प्रसाद, ब्रोकर विजय सिंह, तत्कालीन CO शैलेश कुमार सहित कुल 73 नाम शामिल हैं.
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