रांची नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, 258 बकायादार दुकानदारों को 31 मार्च तक का अल्टीमेटम
रांची नगर निगम प्रशासन ने निगम के स्वामित्व वाली दुकानों के 258 बड़े बकाएदारों की एक आधिकारिक सूची सार्वजनिक कर दी है। बकाया की राशि करीब 6 करोड़ 51 लाख 7748 रुपए पहुंच गई है ।31 मार्च तक हर हाल में अपना पूरा बकाया किराया जमा करने का अंतिम अवसर दिया गया है।
JHARKHAND (RANCHI): रांची नगर निगम ने अपने राजस्व संग्रहण अभियान को तेज करते हुए शनिवार को एक कड़ा कदम उठाया है। निगम प्रशासन ने निगम के स्वामित्व वाली दुकानों के 258 बड़े बकाएदारों की एक आधिकारिक सूची सार्वजनिक कर दी है। इन दुकानदारों पर लंबे समय से किराया बकाया है, जिसे वसूलने के लिए निगम अब आर-पार के मूड में नजर आ रहा है। बकाया की राशि करीब 6 करोड़ 51 लाख 7748 रुपए पहुंच गई है । इसमें सबसे ज्यादा एक व्यक्तिय के करीब 20 लाख रूपये बकाया पाए गए है ।
लाइसेंस रद्दीकरण और दुकान खाली कराने की चेतावनी
निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी आवंटित दुकानदारों और अनुज्ञप्तिधारियों (licensees) को 31 मार्च तक हर हाल में अपना पूरा बकाया किराया जमा करने का अंतिम अवसर दिया गया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के तहत न केवल दुकानों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा, बल्कि नियमानुसार दुकानों को बलपूर्वक खाली भी कराया जा सकता है। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह सख्ती शहर के बुनियादी ढांचे और विकासात्मक कार्यों के लिए आवश्यक राजस्व जुटाने के उद्देश्य से की जा रही है।
रविवार को भी खुलेगा जन सुविधा केंद्र: नागरिकों से अपील
वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए, रांची नगर निगम ने नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। निगम कार्यालय स्थित जन सुविधा केंद्र को 29 मार्च (रविवार) को भी खुला रखने का निर्णय लिया गया है। रविवार को दुकानदार और आम नागरिक न केवल दुकान का किराया, बल्कि निम्नलिखित शुल्कों का भुगतान भी कर सकेंगे:
होल्डिंग टैक्स (Holding Tax)
जल कर (Water Tax)
ट्रेड लाइसेंस शुल्क (Trade License Fee)
निगम ने शहरवासियों और दुकानदारों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपने सभी बकाया देयों का भुगतान कर दें। इससे वे न केवल भारी जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई से बच सकेंगे, बल्कि रांची के समग्र विकास में भी अपना सक्रिय योगदान सुनिश्चित कर पाएंगे।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

गिरिडीह में अनियमित बिजली आपूर्ति और डिजिटल मीटर से लूट पर BJP ने हेमंत सरकार के खिलाफ दिया धरना

झारखंड उत्पाद विभाग ने रचा इतिहास: 2025-26 में 4013.53 करोड़ का राजस्व रिकॉर्ड, पीछे छूटा पिछला आंकड़ा 2700 करोड़







