ट्रेन में पानी खरीदने से पहले सावधान! सप्तक्रांति एक्सप्रेस में 130 बोतल जब्त
मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जा रही 12557 सप्तक्रांति एक्सप्रेस में लखनऊ रेल मंडल की टीम ने जांच के दौरान 130 बोतल अनधिकृत पानी बरामद किया। बिना अनुमति मैंगो जूस बेचने का मामला भी सामने आया।


मुजफ्फरपुर: ट्रेन में सफर के दौरान बोतलबंद पानी या जूस खरीदना यात्रियों के लिए आम बात है, लेकिन अगर वही सामान बिना अनुमति और मानकों की जांच के बेचा जा रहा हो तो मामला गंभीर हो जाता है। मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली 12557 सप्तक्रांति एक्सप्रेस में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है।11 अगस्त को लखनऊ रेल मंडल की जांच टीम ने ट्रेन में छापेमारी की। इस दौरान यात्रियों को बेचे जा रहे 130 बोतल अनधिकृत पानी बरामद किए गए। टीम ने बिना अनुमति बेचे जा रहे मैंगो जूस की बोतलें भी पकड़ीं।
मुजफ्फरपुर से खुलने के बाद ट्रेन में पहुंचाया जा रहा था पानी
जांच के दौरान सामने आया कि ट्रेन के मुजफ्फरपुर से रवाना होने के बाद रास्ते में अनधिकृत वेंडरों के जरिए पानी की बोतलें ट्रेन में पहुंचाई जा रही थीं। इसके बाद इन्हें यात्रियों को बेचा जा रहा था।बरामद पानी को लोकल और अमानक ब्रांड का बताया गया है। वहीं, बिना अनुमति मैंगो जूस बेचने का मामला भी सामने आया। अब सवाल यह है कि ट्रेन में अनधिकृत सामान लेकर वेंडर दाखिल कैसे हुए और यात्रियों के बीच इसकी बिक्री कितने समय से चल रही थी? जांच टीम को एक साथ 130 बोतल पानी मिलने के बाद ट्रेन में खाद्य और पेय पदार्थों की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
खासकर इसलिए क्योंकि ट्रेन मुजफ्फरपुर से खुलने के बाद रास्ते में इन सामानों को चढ़ाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में यह पता लगाना जरूरी है कि अनधिकृत वेंडरों को ट्रेन में सामान बेचने का मौका कैसे मिला। मुजफ्फरपुर रेल मंडल के स्तर पर होने वाली निगरानी और चेकिंग व्यवस्था को लेकर भी अब सवाल उठ रहे हैं।
यात्रियों की सेहत से भी जुड़ा मामला
ट्रेन में बिकने वाला पानी और अन्य पेय पदार्थ सीधे यात्रियों के इस्तेमाल में आते हैं। ऐसे में अगर कोई उत्पाद बिना अनुमति या जरूरी मानकों की जांच के बेचा जाता है, तो यात्रियों की सेहत को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में पानी, जूस और अन्य खाद्य सामग्री की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि सफर के दौरान उन्हें सुरक्षित और अधिकृत उत्पाद ही मिलें। फिलहाल लखनऊ रेल मंडल की टीम की कार्रवाई के बाद मामला चर्चा में है। अब यह देखना अहम होगा कि अनधिकृत वेंडरों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है और ट्रेन में ऐसी बिक्री रोकने के लिए रेलवे निगरानी व्यवस्था को कितना मजबूत करता है।

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