खटारा स्कूल वैन की बैटरी फटी, 6 बच्चे झुलसे; क्षमता 12 की, सवार थे 22! फिर भी देखिए स्कूल वाले क्या कह रहे
जमुई के सोनो में स्कूल जा रहे बच्चों से भरी पुरानी वैन की बैटरी फटने से 6 बच्चे झुलस गए। हादसे के वक्त 12 की क्षमता वाली वैन में करीब 22 बच्चे सवार थे


जमुई: जमुई के सोनो में बुधवार सुबह स्कूल जा रहे बच्चों से भरी एक पुरानी वैन की बैटरी अचानक फट गई। हादसे में वैन सवार छह बच्चे झुलस गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी बच्चे सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के बताए जा रहे हैं। घटना के बाद स्कूल वाहन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, स्कूल संचालक के कथित बयान ने अभिभावकों का गुस्सा और बढ़ा दिया है।
सीट के नीचे रखी बैटरी में हुआ धमाका
घटना सोनो थाना क्षेत्र के सोनो चौक पर बुधवार सुबह करीब 8 बजे हुई। घायल बच्चों में कक्षा दो के अंकित कुमार, पिता प्रमोद दास और कक्षा तीन के लवकुश कुमार, निवासी नीमाटीला बताए गए हैं। दोनों के पैरों में झुलसने की चोट आई है।
घायल अंकित के मुताबिक, वह वैन में बैठा था। इसी दौरान सीट के नीचे रखी बैटरी में अचानक जोरदार धमाका हुआ। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बच्चों को तत्काल वैन से बाहर निकाला और निजी अस्पताल पहुंचाया। चार बच्चों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद परिजन अपने साथ घर ले गए।
12 की क्षमता वाली वैन में 22 बच्चे
हादसे के बाद स्कूल वैन की क्षमता और उसमें बच्चों की संख्या को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, जिस वैन से बच्चों को स्कूल ले जाया जा रहा था, उसकी क्षमता करीब 12 बच्चों की थी, जबकि हादसे के वक्त उसमें लगभग 22 बच्चे सवार थे।
यानी वैन में उसकी निर्धारित क्षमता से लगभग दोगुने बच्चे सफर कर रहे थे। घायल अंकित की मां ने बताया कि उन्हें वैन में आग लगने की जानकारी मिली थी। उन्होंने स्कूल प्रशासन से पुरानी गाड़ियों की जगह बच्चों के लिए सुरक्षित और नई गाड़ियां चलाने की मांग की है।
यह मामला सामने आने के बाद अभिभावकों के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि स्कूल वाहनों की फिटनेस और उनमें निर्धारित क्षमता के अनुसार बच्चों को बैठाने की व्यवस्था की नियमित जांच होती है या नहीं।
संचालक के बयान पर भड़के अभिभावक
हादसे के बाद स्कूल संचालक सुनील बरनवाल से जब बच्चों के झुलसने को लेकर सवाल किया गया तो उनके कथित बयान पर विवाद खड़ा हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि “बड़ी-बड़ी घटनाएं हो जाती हैं, यहां तक कि हवाई जहाज भी क्रैश कर जाते हैं।”
संचालक ने घटना को तकनीकी खराबी बताते हुए रेडिएटर का पानी गर्म होने की बात कही। उनके इस बयान पर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि बच्चों के घायल होने की घटना को इस तरह सामान्य बताना उचित नहीं है। फिलहाल स्कूल प्रबंधन की ओर से इस मामले में विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस ने शुरू की जांच, प्रशासन भी करेगा पड़ताल
घटना की सूचना मिलने के बाद सोनो थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस हादसे के कारणों और स्कूल वैन की स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
वहीं, एसडीएम सौरव सुमन ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
अब सवाल यह है कि बच्चों को ले जाने वाली इस वैन की फिटनेस की जांच हुई थी या नहीं और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने की अनुमति कैसे मिली। हादसे के बाद अभिभावक जिले में चल रही अन्य स्कूल वैनों की भी फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग कर रहे हैं।

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