बख्तियारपुर का बदलेगा नाम? CM सम्राट चौधरी के बयान के बाद मंत्री संतोष सुमन ने रखी ‘नीतीशपुर’ की मांग
CM सम्राट चौधरी के बख्तियारपुर का नाम बदलने वाले बयान के बाद मंत्री संतोष सुमन ने नया नाम सुझाया है। CM सम्राट चौधरी ने कहा कि बख्तियारपुर का नाम बदला जाना चाहिए।


बिहार की राजनीति में अब जगहों के नाम बदलने को लेकर नई बहस छिड़ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बख्तियारपुर का नाम बदले जाने को लेकर दिए गए बयान के बाद इस पर सियासी मांग भी सामने आ गई है। सरकार में सहयोगी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ रखने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखा है।
"बख्तियारपुर का नाम जरूर बदलना चाहिए"
दरअसल, एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बिहार में कुछ जगहों के नाम बदले जाने की चर्चाओं को लेकर सवाल किया गया था। इस दौरान बख्तियारपुर का भी जिक्र हुआ। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं है कि बख्तियारपुर का नाम बदलने को लेकर कोई औपचारिक प्रक्रिया चल रही है या नहीं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बख्तियारपुर का नाम जरूर बदला जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इसके पीछे इतिहास का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यदि बख्तियार खिलजी ने अराजकता फैलाई और इतिहास में नालंदा को जलाए जाने जैसी घटनाओं का उल्लेख मिलता है, तो उसके नाम पर किसी शहर का नाम होना उचित नहीं माना जा सकता।
अब ‘नीतीशपुर’ के नाम पर शुरू हुई चर्चा
मुख्यमंत्री के बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठने लगा कि अगर बख्तियारपुर का नाम बदला जाता है तो नया नाम क्या होगा। इसी बीच मंत्री संतोष कुमार सुमन ने अपनी पसंद सामने रख दी है। संतोष सुमन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बख्तियारपुर का नाम बदलकर‘नीतीशपुर’ करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बख्तियारपुर केवल एक भौगोलिक पहचान नहीं है, बल्कि यह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जन्मभूमि है।
सुमन के मुताबिक, नीतीश कुमार ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के जरिए बिहार की राजनीति, विकास और शासन को नई दिशा देने का काम किया। ऐसे में उनकी जन्मभूमि को उनके नाम से सम्मानित करना उस क्षेत्र के गौरव और उससे जुड़ी जनभावनाओं को सम्मान देने जैसा होगा।
"जन्मभूमि को जननेता के नाम से मिले पहचान"
संतोष कुमार सुमन ने कहा कि नीतीश कुमार की जीवन-यात्रा, संघर्ष और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई स्मृतियां बख्तियारपुर की धरती से जुड़ी हुई हैं। उनके अनुसार, विकास, सुशासन और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में नीतीश कुमार के योगदान को देखते हुए उनकी जन्मभूमि का नाम उनके नाम पर रखा जाना सम्मान की बात होगी।
इसी आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि ‘बख्तियारपुर’ को ‘नीतीशपुर’ किया जाना चाहिए। हालांकि, फिलहाल यह एक राजनीतिक मांग है और सरकार की ओर से नाम बदलने की कोई औपचारिक प्रक्रिया या अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में बख्तियारपुर के नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर आगे क्या रुख अपनाती है।

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