ज़ब मंत्री जी को बाढ की वजह से बदलना पड़ा रास्ता तो कर दी बड़ी घोषणा!
गंगा में बाढ़ के कारण हाथीदह जंक्शन के पास अंडरपास में करीब 4 फीट पानी भर गया है। मोकामा से लखीसराय जा रहे कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा को भी वैकल्पिक रास्ते से निकलना पड़ा।


लखीसराय: गंगा में आई बाढ़ ने हाथीदह और आसपास के इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हाथीदह जंक्शन के पास अंडरपास में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क पर करीब 3 से 4 फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसी रास्ते से मोकामा से लखीसराय जाने के दौरान कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क की स्थिति और पानी की वजह से आगे बढ़ना मुश्किल हुआ तो स्थानीय भाजपा नेताओं से संपर्क कर वैकल्पिक रास्ते की जानकारी ली गई। इसके बाद एक वैकल्पिक मार्ग से मंत्री आगे रवाना हुए।
खराब सड़क और जलजमाव पर मंत्री ने किया बड़ा ऐलान
मोकामा से लखीसराय जाने के दौरान विजय कुमार सिन्हा को बताया गया कि बाटामोर से हाथीदह जंक्शन तक सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस रास्ते पर जलजमाव के साथ सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और कई बार वाहन भी खराब हो जाते हैं।
इस पर मंत्री से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पथ निर्माण विभाग को सड़क की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए कहा जाएगा। उन्होंने हाथीदह में एक मरीन ड्राइव के निर्माण की भी बात कही। मंत्री के मुताबिक यह मार्ग NH-80 के समानांतर गंगा किनारे विकसित किया जाना है और हाथीदह स्टेशन से आगे तक जाने की योजना है। हालांकि, इस प्रस्तावित मरीन ड्राइव की विस्तृत परियोजना, समयसीमा और निर्माण लागत को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
बाढ़ से किसानों को नुकसान, मंत्री बोले- मुआवजा दिलाएंगे
बाढ़ से किसानों को हुए नुकसान को लेकर भी मंत्री से सवाल किया गया। कृषि मंत्री ने कहा कि फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा और किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
गंगा के बढ़े जलस्तर से खेतों में पानी भरने के कारण किसानों को फसल नुकसान की चिंता सता रही है। अब प्रशासनिक सर्वे के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति और किसानों के लिए मिलने वाली राहत की तस्वीर स्पष्ट होगी।
मंत्री निकले, लेकिन आम लोग अब भी पानी में फंसे
मंत्री के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं और भाजपा नेताओं की मदद से जिस वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की गई, वह कथित तौर पर कच्चा रास्ता है। लगातार बारिश के कारण बाद में उस रास्ते से भी आवागमन मुश्किल होने की बात सामने आई।
इसके बाद कई वाहन चालक हाथीदह जंक्शन के पास पानी से भरे अंडरपास से निकलने की कोशिश करते नजर आए। पानी करीब चार फीट तक पहुंचने के कारण कई वाहनों के खराब होने की जानकारी है। कुछ लोग वाहनों को धक्का लगाते भी दिखाई दिए, जबकि कई चालक पानी की गहराई देखकर अपनी गाड़ियां वापस मोड़ते नजर आए। एक वाहन चालक के मुताबिक पानी में जाने के बाद कई गाड़ियां खराब हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों की परेशानी इस बात से और बढ़ गई है कि बाढ़ के बीच सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल हाथीदह जंक्शन के पास जलजमाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करे और सड़क से पानी निकालने के साथ लंबे समय के लिए जलनिकासी और सड़क निर्माण की समस्या का स्थायी समाधान करे।
(रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट)

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