खाली मकान देखकर चोरी, फिर उसी पैसे से स्कूटी-कैमरा खरीदकर बनाते थे रील, देखिए चोरी का एडवांस तरीका!
मुजफ्फरपुर पुलिस ने खाली मकानों में चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, चोरी के पैसों से स्कूटी और वीडियो कैमरा खरीदकर आरोपी रील बनाते थे।


मुजफ्फरपुर: शहर में खाली मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह चोरी के पैसों से स्कूटी और वीडियो कैमरा खरीदकर घूमता और रील बनाता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के कथित मास्टरमाइंड देवलाल सहनी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले तीन आरोपी और चोरी का सोना खरीदने वाले दो दुकानदार शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस, मोटरसाइकिल, स्कूटी, सोने के जेवर और वीडियो कैमरा बरामद करने का दावा किया है।
पहले रेकी, फिर खाली मकान में चोरी
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जिनके मालिक कुछ दिनों के लिए घर से बाहर गए हों। मकान खाली होने की पुष्टि करने के बाद आरोपी मौका देखकर वहां चोरी करते थे। लगातार चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की। इसी दौरान एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, जांच में देवलाल सहनी, कैलाश कुमार और विक्रम कुमार उर्फ बल्लू के नाम सामने आए।
इसके बाद चोरी का सोना खरीदने के आरोप में कन्दन कुमार साह और विक्की कुमार को भी गिरफ्तार किया गया।
नहर के पास वारदात की तैयारी, हथियार के साथ पकड़े गए
पुलिस के मुताबिक, 7 सितंबर को तिरहुत नहर के पास कुछ बदमाशों के बड़ी वारदात की तैयारी करने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी की और तीन आरोपियों को हथियार के साथ पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से देसी कट्टा और चार जिंदा कारतूस समेत अन्य सामान बरामद होने की बात कही गई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान चोरी की घटनाओं और उससे जुड़े नेटवर्क के बारे में कई अहम जानकारियां मिलीं।
ग्रामीण एसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी देवलाल सहनी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।
चोरी के पैसों से स्कूटी और कैमरा, अब पूरे नेटवर्क की जांच
पुलिस जांच में यह बात सामने आने का दावा किया गया है कि गिरोह के सदस्य चोरी से हासिल रकम का इस्तेमाल अपने शौक पूरे करने में करते थे। इसी पैसे से स्कूटी और वीडियो कैमरा खरीदकर घूमने और वीडियो बनाने की बात सामने आई है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने मुजफ्फरपुर में कितनी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया और इसके पीछे कितने लोग जुड़े हैं। साथ ही चोरी के सामान की खरीद-बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
(गोविंद कुमार की रिपोर्ट)

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