झारखंड की एक और महिला हुई सामूहिक दरिंदगी का शिकार, सुरक्षा आखिर कब तक होगी तार-तार!
झारखंड के पाकुड़ से एक घिनौनी वारदात की खबर सामने आई है. 8-10 अपराधियों ने एक 35 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दरिंदगी को अंजाम दिया और फरार हो गए. जिसमें से कुछ की गिरफ्तारी हो गई है. सवाल है कि आखिर महिलाएं अपने घर के पास भी सुरक्षित क्यों नहीं हैं?

CRIME DESK (JHARKHAND): पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के मालीपाड़ा स्थित आम बागान में 35 वर्षीय महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पाकुड़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर त्वरित उद्भेदन कर दिया. गुरुवार को एसपी निधि द्विवेदी ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया.
एसपी ने बताया कि 25 नवंबर की शाम करीब 7 बजे टाइगर मोबाइल को सूचना मिली कि मालीपाड़ा आम बागान में एक महिला के साथ अपराध हुआ है. सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंची, पीड़िता को रेस्क्यू किया और वहीं से एक आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया.
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि वह शाम को टहलने के लिए आम बागान गई थी, तभी 8–10 युवकों ने उसे घेर लिया और सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और नकदी रुपयों को भी छीन लिया. घटना के आधार पर नगर थाना में कांड संख्या 298/2025 दर्ज कर त्वरित कार्रवाई के लिए डीएसपी अजय आर्यन के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (SIT) गठित किया गया.
SIT टीम ने लगातार छापेमारी अभियान चलाते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में बाबुधन हांसदा उर्फ चटनी, गेनु हांसदा उर्फ छुछा, रामभीट्ठा मरांडी, फ्रांसिस हांसदा उर्फ रोगोस, कालीदास सोरेन, गड़ा मांझी, बाबुजी हेम्ब्रम का नाम सम्मिलित है. पूछताछ में सभी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. पुलिस ने पीड़िता से छीना गया मोबाइल व एटीएम कार्ड भी बरामद कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है. SIT टीम में - डीएसपी अजय आर्यन, थाना प्रभारी बबलु कुमार, पु.अ.नि. राहुल गुप्ता, अभिषेक कुमार, बलवंत दुबे, दिनेश प्रसाद सिंह, मिठुन रजक, दिलीप बास्की, श्रीचाद किस्कु, स्वेता एक्का और टाइगर मोबाइल टीम के जवान शामिल हैं.
पुलिस ने बताया कि अन्य शेष अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्त में लेने के लिए आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.
सवाल है कि आखिर महिलाएं अपने घर के पास भी सुरक्षित क्यों नहीं हैं? क्यों इतने बैखौफ अपराधों को अपराधी आसानी से अंजाम दे पाते हैं?
(रिपोर्ट -नंद किशोर मंडल, पाकुड़)









