Jharkhand (Giridih): गिरिडीह के तिसरी थाना इलाके के सिंघो गांव में स्वर्गीय विजय यादव की निर्मम हत्या को लेकर गांव में एक बार फिर आक्रोश फूट पड़ा है. हत्या के आरोपी जमानत पर रिहा होने के बाद घर लौटने की तैयारी में हैं. इसी बीच आरोपी के पिता प्रकाश ठाकुर का निधन हो गया, जिनका पार्थिव शरीर मुंबई से सिंघो लाया जा रहा था.
जिसे लेकर विजय यादव की पत्नी सहित दर्जनों महिलाएं और ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया. आक्रोशित सिंघो के ग्रामीणों ने हत्यारे को गांव में प्रवेश न देने की चेतावनी दी और विरोध में सड़क पर उतर गए. बताया जाता है कि आरोपित के घर में पूर्व में ही तालाबंदी कर रखी थी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तिसरी थाना प्रभारी रंजय कुमार एवं खोरीमहुआ पुलिस पदाधिकारी राजेंद्र प्रसाद मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने-बुझाने में जुटे. काफी संख्याएं पुलिस बल तैनात की गई.
इस बीच पार्थिव शरीर को आरोपी घर नहीं लाकर गंगा नदी में अंतिम संस्कार को ले गया. जिससे मामला शांत हो गया. पीड़ित विजय यादव की पत्नी ने कहा कि जब तक पति विजय यादव को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. विजय की पत्नी ने बताया कि 27 जनवरी को विजय की अरुण शर्मा सहित पांच लोगों ने मिलकर हत्या कर दी थी.
पांच हत्यारे आरोपियों में से बाबूचन यादव और पवन यादव जेल में हैं, वहीं तीन को जमानत मिल गई है. जानकारी के अनुसार गवाह को धमकी दी जा रही है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि
पति की पांच हत्या की आरोपी में दो बाबूचन यादव ओर पवन यादव जेल में है और तीन को बेल मिल गया है. गवाह को धमकी दिया जा रहा है. ग्रामीण ने प्रशासन से मांग कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और गांव में शांति व्यवस्था कायम रखी जाए. मौके पर एसआई लव कुमार, मुखिया हासिम अंसारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू, आनंद बरनवाल








