झारखंड भाजपा की कमान मिलने पर बोले आदित्य साहू- सामान्य कार्यकर्ताओं में जगी उम्मीद, फैसले पर सत्ता पक्ष ने कसा तंज
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिलने से लाखों कार्यकर्ताओं में एक भाव जगा है कि आने वाले दिनों में किसी न किसी दिन वह भी प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर पूरा कर सकते हैं. वहीं विपक्ष ने फैसले पर सवाल उठाते हुए तंज कसा.


JHARKHAND (RANCHI) : राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने बुधवार को औपचारिक रूप से बतौर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली है. संगठन पर्व के समापन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री और पार्टी के चुनाव अधिकारी जुएल ओराम ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने 21 नये परिषद के सदस्यों के नामों का भी ऐलान किया.
सामान्य कार्यकर्ताओं में जगी उम्मीद : आदित्य साहू
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिलने से लाखों कार्यकर्ताओं में एक भाव जगा है कि आने वाले दिनों में किसी न किसी दिन वह भी प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर पूरा कर सकते हैं.
झारखंड में कमजोर होती भाजपा को संजीवनी दे पाएंगे आदित्य साहू ?
आदित्य साहू झारखंड भाजपा के 13वें अध्यक्ष बने हैं. लिहाजा इसे लेकर राज्य में सियासी चर्चा तेज हो गई है कि क्या आदित्य साहू झारखंड में लगातार कमजोर होती बीजेपी को संजीवनी दे पाएंगे. इधर इन सबसे इतर पार्टी गाजे-बाजे और उत्साह के साथ आदित्य साहू का स्वागत कर रही है. और पार्टी में एक उम्मीद जगी है कि शायद आदित्य साहू के नेतृत्व में भाजपा आने वाले दिनों में झारखंड में सत्ता पर काबिज हो पाएगी.
झामुमो ने फैसले पर क्या कहा ?
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बीजेपी के फैसले पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि निश्चित तौर पर यह उनका आंतरिक मामला है. वे जिसे चाहें, प्रदेश अध्यक्ष बना सकते हैं. लेकिन यह देखना बहुत महत्वपूर्ण होगा कि क्या आदित्य साहू भाजपा को संजीवनी दे पाएंगे. पार्टी के महासचिव विनोद पांडे ने आदित्य साहू को शुभकामनाएं दी.
जब कुलदीप सिंह सेंगर विधायक हो सकते हैं तो फिर आदित्य साहू प्रदेश अध्यक्ष क्यों नहीं : कांग्रेस
इधर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव सह प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी में कुछ भी हो सकता है. जब कुलदीप सिंह सेंगर विधायक हो सकते हैं तो फिर आदित्य साहू प्रदेश अध्यक्ष क्यों नहीं हो सकते हैं. बहरहाल आदित्य साहू प्रदेश अध्यक्ष बने हैं और अब पार्टी को कितना मजबूत कर पाएंगे. यह बीजेपी का संगठन ही जाने.
यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि झारखंड बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को कार्यकर्ताओं का कितना समर्थन मिलेगा और बीजेपी की रणनीति जमीन पर कितना उतर पाएगी.
रिपोर्ट : नवीन शर्मा

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