गिरिडीह के जैन विद्यालय जूनियर में हुआ धार्मिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन, नन्हे बच्चों ने पेश की मनमोहक प्रस्तुतियां
भारतीय संस्कृति का बोध कराने कराने को लेकर गिरिडीह के जूनियर जैन विद्यालय में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें छोटे-छोटे बच्चों ने मनमोहक संस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी.

Giridih: जिले के जूनियर जैन विद्यालय में शुक्रवार (17 अक्तूबर 2025) को भारतीय संस्कृति का बोध कराने को लेकर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. जिसमें छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी प्रस्तुति पेश की. स्कूल की प्रिंसिपल मालिका तिवारी के नेतृत्व में बच्चों ने लोक आस्था के महापर्व छठ का वृतांत दिखाया. जबकि दीपावली के मनाने का उद्देश्य और महावीर निर्वाण उत्सव भी मनाया.
कार्यक्रम में कई नन्ही बच्चियां छठ व्रती की वेश में दिखी, इसके साथ ही बच्चे अपने सिर पर पूजन सामान और फल से भरे डाला लिए व्रती का वेश में दिखे.जल से अर्घ्य देने की परम्परा को पूर्ण करने का विधान भी बच्चों ने दिखाई. लोकगीत के बीच बच्चों की टोली ने अटूट आस्था से जुड़े पर्व का विधान दिखाया.
मौके पर बच्चो ने विश्व को अहिंसा परमो धर्म का सन्देश देने वाले भगवान भगवान महावीर का निर्वाण दिवस भी मनाया. भगवान महावीर के तस्वीर के सामने बच्चों की टोली पूजा अर्चना करते नजर आए. जबकि दीपोत्सव के पावन पर्व दीपावली को भी बच्चों की टोली ने धूमधाम के साथ मनाया. दीपावली की शाम भगवान राम,माता सीता और भगवान लक्ष्मण के अयोध्या आगमन का उत्साह और माता सीता और भगवान राम का स्वयंवर को बच्चों ने उसी अंदाज में दिखाया.
कार्यक्रम के दौरान स्कूल की प्रिंसिपल मलिका तिवारी ने कहा कि स्कूल का यह छोटा प्रयास था कि बच्चों को भारतीय संस्कृति का बोध कराया जा सकें. चूंकि भगवान महावीर के निर्वाण का स्थल भारत रहा है इसलिए इसे भी बच्चों को समझाया गया. जबकि छठ पूजा के महत्व से बच्चों को उनके द्वारा कराकर बताया गया, तो दीपावली में भगवान राम और माता सीता के साथ भगवान लक्ष्मण के आगमन को दर्शाया गया.
वहीं जैन समाज के अध्यक्ष विजय सेट्ठी ने कहा कि वो आज तक इतने सालों में किसी स्कूल में ऐसे आयोजन को होते नहीं देखा, जहां दीपावली की शाम भगवान राम के अयोध्या प्रवेश को दिखाया गया, बच्चों को विश्व के लिए भगवान महावीर द्वारा किए शांति और अहिंसा के सन्देश को भी उनके द्वारा आयोजन कर बताया गया. जबकि भारतीय संस्कृति में छठ का क्या महत्व है ये एक पर्व के साथ एक भावना है इसे भी बच्चों को बोध कराया गया.
रिपोर्ट- मनोज कुमार पिंटू
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