Jharkhand (Ranchi): भारतीय शिक्षण मंडल झारखंड प्रांत द्वारा 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर “आधुनिक परिप्रेक्ष्य में भारतीय शिक्षा” विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायक व्याख्यान समारोह का आयोजन RTC B.Ed College, बूटी रांची के सभागार में किया गया.
कार्यक्रम का शुभारंभ ध्येय श्लोक का वाचन डॉ. सुबोध कुमार एवं ध्येय वाक्य का वाचन डॉ. ममता कुमारी द्वारा किया गया. इसके पश्चात अतिथियों ने पारंपरिक दीप प्रज्वलन कर भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया.
स्वागत भाषण डॉ. एन.के. मिश्रा ने दिया, जिसमें उन्होंने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया. कार्यक्रम में प्रांत मंत्री डॉ. सुबास साहु ने विषय प्रवेश कराते हुए भारतीय शिक्षण मंडल के इतिहास, उपलब्धियों एवं संगठनात्मक कार्यों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि मंडल भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित शिक्षा, नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के समावेश के लिए सतत कार्य कर रहा है तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने शिक्षा के उद्देश्य को चरित्र निर्माण एवं राष्ट्रीय भावना के विकास से जोड़ने पर बल दिया.
मुख्य वक्ता एवं प्रांत अध्यक्ष डॉ. रणजीत मिश्रा ने अपने संबोधन में भारतीय शिक्षा प्रणाली की गरिमा को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि प्राचीन भारत में गुरुकुल प्रणाली अत्यंत समृद्ध थी और इसे पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रिचा पदमा ने मूल्य आधारित शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी को प्रभावी ढंग से शिक्षित करने के लिए शिक्षकों को आधुनिक दृष्टिकोण अपनाना होगा तथा युवाओं में राष्ट्रीय भावना विकसित करना आवश्यक है.
मुख्य अतिथि डॉ. रुद्रनारायण महतो (निदेशक, RTC कॉलेज) ने दूरभाष के माध्यम से अपने संदेश में भारतीय दृष्टिकोण आधारित शिक्षा प्रणाली को अपनाने पर बल दिया और स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं.
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रिया पांडेय ने किया. इस अवसर पर डॉ. ओम प्रकाश महतो, रामरत्न बड़ाईक सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, कार्यकर्ता एवं लगभग 156 विद्यार्थी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे.
कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र, राष्ट्रगान एवं वंदे मातरम् के साथ हुआ.








